सहारनपुर। भाई बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन का त्योहार आज मनाया जाएगा। इसके चलते बाजारों में राखियों और मिठाई की जमकर खरीदारी हुई। शनिवार को ही बहनें अपने भाइयों के पास जाने के लिए घर से निकलीं, जिससे बस अड्डे पर भारी भीड़ रही। दोपहर के समय तो बस अड्डों पर बसों की कमी भी महसूस की गई। हालांकि परिवहन निगम के अधिकारियों का कहना है कि पर्याप्त संख्या में बसों का संचालन कराया गया।
रक्षाबंधन के त्योहार पर बहनें अपने भाई की कलाई पर राखी बांधने पहुंचती हैं। इस त्योहार की खुशी अलग ही होती है, जिसके चलते बहनों ने अपने भाई के लिए सुंदर राखियां खरीदीं। शहर के नेहरू मार्केट, शहीद गंज, कोर्ट रोड आदि बाजारों में दुकानों के बाहर राखियों के स्टॉल सजाए गए थे, जहां ग्राहकों की काफी भीड़ रही। राखी विक्रेता राहुल, मुकेश और आशीष ने बताया कि इस बार राखी का कारोबार अच्छा है। अभी रविवार को भी कारोबार होना है। इसी तरह हलवाई हट्टा, घंटाघर और कोर्ट रोड पर मिठाई विक्रेताओं के यहां भी ग्राहकों की भीड़ रही। मावा निर्मित मिठाई भी खूब पसंद की गई, जबकि कोरोना काल में मावा निर्मित मिठाई की बिक्री कम हो गई थी।
बस अड्डे पर भटकते रहे यात्री
शनिवार को अंबाला रोड स्थित बस अड्डे पर यात्रियों की भीड़ ऐसी थी कि जब भी कोई बस आती तो यात्री उसमें सवार होने को उमड़ रहे थे। कुछ ही देर में बस फुल हो रही थी। ऐसे में यात्रियों को बस के इंतजार में खड़ा भी रहना पड़ा। वहीं, रविवार से ही अंतरराज्यीय बस सेवा भी आरंभ हो गई, जिसके चलते सहारनपुर से हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड, दिल्ली आदि प्रदेशों के लिए बसों का संचालन शुरू कर दिया गया। परिवहन निगम के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक जगदीश सिंह ने बताया कि त्योहार के मद्देनजर बसों के फेरे में बढ़ोतरी कर दी गई, चार रूटों पर 15-15 फेरे बसों के बढ़ाए गए हैं, ताकि यात्रियों को किसी तरह की असुविधा ना होने पाए।
ट्रेनें न चलने से परेशान हुए यात्री
सहारनपुर। नए कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे आंदोलन के तहत शनिवार को पंजाब के जालंधर-चहेरू सेक्शन पर किसानों ने आंदोलन कर रेल यातायात ठप कर दिया। इस कारण अंबाला डिवीजन की 89 ट्रेनों को निरस्त कर दिया गया, जबकि 20 ट्रेनों को डायवर्ट करके निकाला गया। इस आंदोलन की वजह से जालंधर, लुधियाना, जम्मू रूट पर जाने वाली ट्रेनों का संचालन नहीं हो सका। सहारनपुर से होकर गुजरने वाली छह से ज्यादा ट्रेनें भी निरस्त हो गईं, जिस कारण ट्रेन से अपने गंतव्य को जाने के लिए निकले लोगों को मायूस होना पड़ा। इन ट्रेनों में स्यालदाह एक्सप्रेस, अमृतसर-देहरादून एक्सप्रेस आदि शामिल रहीं। शनिवार सुबह से दोपहर तक कई यात्री रेलवे स्टेशन पर पहुंचे थे, लेकिन जब पता चला कि ट्रेन निरस्त है तो अपना टिकट कैंसिल कराते नजर आए। अंबाला डिवीजन के सीनियर डीसीएम हरिमोहन के मुताबिक 89 ट्रेनें निरस्त हुई, जबकि 20 ट्रेनों को डायवर्ट कर निकाला गया।
नुमाईशकैंप में रक्षा बंधन पर राखी खरीदती बहने- फोटो : SAHARANPUR