नकुड़ (सहारनपुर)। गांव गाजीवाला निवासी राकेश वाल्मीकि की मौत हादसा नहीं थी। मछली के बंटवारे को लेकर उसके साथियों ने ही उसकी हत्या कर शव जंगल में फेंक दिया था। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए एक हत्यारोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा है, जबकि अन्य दो की तलाश जारी है।
बता दें कि विगत छह अक्टूबर की सुबह गांव तिरपड़ी के जंगल में गांव गाजीवाला निवासी 45 वर्षीय राकेश पुत्र चंद्रभान वाल्मीकि का शव पड़ा मिला था। पुलिस ने शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। पुलिस उस वक्त राकेश की मौत को महज एक हादसा मानकर चल रही थी, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में राकेश की मौत सिर में चोट लगने से दिखाया गया तो पुलिस ने अज्ञात में रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी थी। शुक्रवार को कोतवाल सुशील सैनी ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि गत पांच अक्टूबर की शाम गांव तिरपड़ी निवासी कंवरपाल मृतक राकेश को बुलाकर अपने घर लाया था। दोनों ने शराब पीने व मछली खाने की योजना बनायी। इसके बाद राकेश तालाब से मछली पकड़कर लाया। कंवरपाल के घर पर दोनों ने मछली पकायी और बैठकर शराब पीने लगे। इसी बीच कंवरपाल के परिवार के जसवीर पुत्र तेल्लू व मैन पुत्र जुम्मन भी वहां आ गए तथा चारों लोग शराब पीने लगे। इस दौरान मछली के बंटवारे को लेकर चारों के बीच झगड़ा हो गया। कोतवाल के अनुसार कंवरपाल ने पूछताछ में बताया कि इस बीच जसवीर गाली गलौच करने लगा तो कंवरपाल ने पास पड़ी ईंट उठायी और जसवीर को मारने लगा। इतने में राकेश बीच में आ गया और ईंट राकेश के सिर में लग गई और वह जमीन पर गिर गया। काफी देर तक भी राकेश को होश नहीं आया तो अंधेरा होने पर कंवरपाल ने अन्य साथियों की मदद से राकेश को जंगल में फंक दिया। कोतवाल ने बताया कि पुलिस जांच में कुछ ग्रामीणों ने पांच अक्टूबर की रात कंवरपाल के घर पर झगड़ा होने की बात बतायी थी। इसके बाद पूछताछ में कंवरपाल ने सारी बात उगल दी। कोतवाल ने बताया कि कंवरपाल, जसबीर व मैन के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर हत्यारोपी कंवरपाल को जेल भेज दिया है तथा अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।