गांव सीकरी के पास टूटे रजबाहे से खेतों में जाता पानी।स्रोत ग्रामीण
चिलकाना। गांव सीकरी कलां में निकासी बाधित होने से रजबहे का किनारा टूट गया। खेतों में रजबहे का पानी भरने से किसानों की करीब 250 बीघा जमीन जलमग्न हो गई। इससे किसानों को खासा नुकसान हुआ है।
गांव सीकरी कला के ग्रामीणों ने बताया कि चिलकाना क्षेत्र में बहने वाले पटनी–पिलखनी रजबहे की सीमेंट पाइप लाइन में कूड़ा-करकट तथा घास-फूस भर जाने से पानी की निकासी पूरी तरह बंद हो गई। रजबहे में चलने वाला पानी किनारा तोड़कर खेतों में फैल गया। इससे कुछ दिन पहले बोई गई गेहूं की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई। किसान संदीप कुमार, ओम सिंह, शिवचरण, जनक सिंह और सुमित कुमार ने बताया कि खेतों में पानी भरा हुआ है। पानी भरने से खेत तालाब का रूप ले चुके हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि कुछ दिन पहले रजबहे की सफाई की गई थी, लेकिन सफाई के नाम पर खानापूर्ति की गई। रजबहे से निकला कबाड़ वहीं छोड़ दिया गया। इस कारण रजबहे के पानी की निकासी बाधित हुई है। उन्होंने सिंचाई विभाग तथा जिला प्रशासन से मौके का निरीक्षण कराने और उचित मुआवजा देने की मांग की है।
सफाई व्यवस्था पर उठे सवाल
रजबहों और माइनर आदि की सफाई का कार्य पिछले दिनों किया गया है। सिंचाई विभाग को इसके लिए करोड़ों रुपये की धनराशि जारी हुई थी। ऐसे में रबजहे में कचरा फंसने से किनारे का टूटना व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है। पूर्व में कुछ जगहों पर रजबहों की सफाई में लापरवाही बरतने के मामले सामने आ चुके हैं।