सरसावा (सहारनपुर)। ग्रामीणों के भारी विरोध के बाद डेडी केटिड फ्रंट कॉरिडोर के निर्माण के लिए फाटक संख्या 93 सी को बंद कर अंडर पास निर्माण का फैसला रेलवे ने टाल दिया । ग्रामीणों की अंडर पास के स्थान पर ओवरब्रिज बनाने की मांग को मान लिया। रेलवे जल्द ही इसका प्रस्ताव तैयार कर प्रदेश सरकार को भेजेगा।
रेलवे प्रशासन पुराने ट्रैक के बराबर में विशेष मालवाहक गलियारे के नाम से नया रेलवे ट्रैक बिछा रहा है। इसके लिए फाटक संख्या 93 सी को बंद कर अंडर पास का निर्माण प्रस्तावित था, लेकिन इस फाटक के रास्ते से जुड़े छह गांवों के हजारों ग्रामीण अंडर पास के निर्माण का विरोध कर ओवरब्रिज बनवाने की मांग कर रहे थे। पांच दिन पूर्व ग्रामीणों ने फाटक के समीप निर्मित हो रहे अंडर पास का विरोध कर काम भी रुकवाया।
शनिवार को ग्राम छापुर के प्रधान बबलू चौधरी ने बताया कि वे प्रभावित गांवों के प्रधानों तथा ग्रामीणों के साथ कैराना सांसद प्रदीप चौधरी से मिले और क्षेत्र की वस्तुस्थिति समझाते हुए ओवरब्रिज बनवाने की मांग की । इसके पश्चात सांसद ने उनकी मांग के समर्थन एक पत्र सौंपकर उन्हें डीआरएम अंबाला से मुलाकात करने को कहा । उन्होंने 19 दिसंबर को एक प्रतिनिधि मंडल के साथ डीआरएम से मुलाकात की तथा क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति उनके सामने रखी। प्रतिनिधि मंडल की मांग को डीआरएम ने उचित मानते हुए अंडर पास का निर्माण रुकवाया । बबलू चौधरी ने बताया कि शनिवार को अंडर पास के निर्माण के लिए लाई गई सभी भारी मशीनें भी हटा ली। डीआरएम से मुलाकात करने के बाद ग्राम प्रधान ने बताया जल्द ही रेलवे द्वारा ओवरब्रिज के लिए प्रस्ताव तैयार कर प्रदेश सरकार को भेज दिया जाएगा। डीआरएम अंबाला गुरिंद्र मोहन सिंह ने बताया कि ग्रामीण उनके पास आए, उनकी बात सुनने के बाद अंडर पास का निर्माण रोक दिया । मशीनें हटा ली। बंद फाटक के दोनों तरफ ग्रामीण दीवार बनाने पर सहमत हो गए हैं। ग्रामीणों की ओवरब्रिज की मांग का प्रस्ताव उप्र सरकार को भेजा जा रहा है।