सहारनपुर। जिलाधिकारी आलोक कुमार पाण्डेय ने जनपद के मदरसा संचालकों और शांति समिति की बैठक में नागरिकता संशोधन अधिनियम 2019 के संबंध में भ्रम/गलतफहमी दूर करने का प्रयास किया। उन्होंने शुक्रवार की घटना पर गहरा रोष व्यक्त किया और साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों को सहयोग देने वाले व्यक्तियों का शुक्रिया अदा भी किया। उन्होंने कहा जिला प्रशासन इस कानून को लेकर गलतफहमियों को दूर करने के लिए कटिबद्ध है, लेकिन जिस प्रकार से शुक्रवार को सड़कों पर भीड़ थी यह एक सोचनीय विषय है। उन्होंने कहा कि जनपद में ऐसी स्थिति दोबारा पैदा नहीं होनी चाहिए।
शनिवार को विकास भवन सभागार में आयोजित बैठक में जिलाधिकारी ने मदरसा संचालकों को कहा कि ज्ञापन सौंपना आपका संवैधानिक अधिकार है। अधिकारी आपके पास पहुंचकर ज्ञापन लेंगे, लेकिन आप लोग भीड़ के रूप में या सड़कों पर आकर अपना विरोध न जताएं। यदि आप लोग कानून को अपने हाथ में लेंगे तो हमें भी कार्रवाई करनी पड़ेगी। उन्होेंने सभी मदरसा संचालकों, मुस्लिम समुदाय के लोगों व मदरसा छात्रों का भी आह्वान किया कि वे सहयोगात्मक रुख अख्तियार करते हुए जिला प्रशासन का सहयोग करें। इस मौके पर समुदाय के लोगों को बताया गया कि भारतीय मुसलमान या भारत का कोई भी नागरिक इस नागरिकता संशोधन से तनिक भी प्रभावित नहीं है। इसलिए आप लोगों को डरने की कोई जरूरत नहीं है, साथ ही प्रेजेंटेंशन के माध्यम से भी नागरिकता संशोधन बिल के विभिन्न पहलुओं को विस्तार से समझाया गया और उपस्थित लोगों को नागरिकता संशोधन अधिनियम 2019 से संबंधित महत्वपूर्ण बिंदुओं की प्रति भी वितरित की गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार ने कहा कि यह शहर हम सबका है और यहां शांति बनाए रखना भी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंनेे कहा कि शुक्रवार जो हुआ है यदि ऐसा दोबारा हुआ तो कार्रवाई की जाएगी। हिंसात्मक कार्रवाई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी प्रणय सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रशासन एसबी सिंह, अपर जिलाधिकारी न्यायिक शेरी, नगर मजिस्ट्रेट पंकज वर्मा, एसपी सिटी विनीत भटनागर सहित अन्य मौजूद रहे।