saharanpur News: रईस सऊदी अरब में चालक की नौकरी करता था। रुपये कमाकर अपने साढ़ू सुलेमान के खाते में डालता था। सुलेमान वह रुपये रईस की पत्नी को दे देता था। लाखों रुपये न देने पड़ें, इसलिए सुलेमान ने अपने एक साथी के साथ मिलकर रईस की हत्या कर दी।
Murder in Saharanpur: थाना कुतुबशेर पुलिस ने रईस हत्याकांड का खुलासा कर दिया है। हत्याकांड को अंजाम देने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। रुपये मांगने पर आरोपी साढू ने ही साढू को रस्सी से गला घोंटकर मार डाला था। पुलिस ने मृतक का मोबाइल और कार बरामद की है।
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14 जून को देवबंद थाना क्षेत्र के साखन खुर्द में रईस निवासी मदर हलीमा कॉलोनी मानकमऊ का शव मिला था। तब परिजनों ने मानकमऊ पुलिस चौकी पर हंगामा करते हुए हत्या की आशंका जताई गई थी। मृतक के भाई जीशान ने थाना कुतुबशेर में गुमशुदगी में दर्ज कराई थी। शव मिलने के बाद हत्या की धारा जोड़ दी गई थी।
सोमवार को पुलिस ने नागल बाईपास के पास से हत्यारोपी सुलेमान व मौसीन निवासी उनाली को गिरफ्तार किया। आरोपियों की निशानदेही पर हसनपुर चौक से गांव जंधेड़ी मार्ग पर मृतक का मोबाइल और मानकमऊ से हत्या में प्रयुक्त कार बरामद हुई।
इसलिए की गई हत्या
पूछताछ में आरोपी सुलेमान ने बताया कि रईस उसका साढू था, जो सऊदी अरब में चालक की नौकरी करता था। जबकि उसका परिवार मानकमऊ में रहता है। रईस का बैंक खाता न होने के कारण अपनी तनख्वाह सुलेमान के खाते में ट्रांसफर कर देता था। उसके बाद सुलेमान रुपये निकालकर रईस की पत्नी शबनूर को देता रहता था। रईस बकरीद से पहले घर आया और बैंक खाता खुलवा लिया। उसने रुपयों का हिसाब मांगा। सुलेमान की तरफ करीब 10-12 लाख रुपये निकले, लेकिन सुलेमान की नीयत में खोट आ गया। वह रुपये वापस नहीं देना चाहता था। इसीलिए उसने रईस की हत्या करने की साजिश रची।
हत्या कर फेंक दिया था शव
पुलिस के अनुसार, सुलेमान ने गांव के ही मौसीन को रुपये का लालच देकर अपने साथ मिला लिया। 12 जून को वह रईस को घुमाने के बहाने कार में बैठाकर देवबंद ले गए। वहां पर उन्होंने रस्सी से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी, जिसके बाद शव को गन्ने के खेत में फेंक दिया था। 14 जून को शव मिलने के बाद भी वह रईस के परिजनों के साथ-साथ घूमते रहे।