सहारनपुर। एसबीडी जिला अस्पताल में एक ही डॉक्टर के सहारे रेडियोलॉजी व्यवस्था चल रही है। यह समस्या रेडियोलॉजिस्ट के छुट्टी पर जाने से और ज्यादा बढ़ जाती है। अब एमआरआई मशीन भी आने वाली है। ऐसे में एमआरआई शुरू होने के बाद उसका संचालन कराना चुनौती होगी।
एसबीडी जिला अस्पताल 320 बेड का है। ओपीडी में एक हजार से अधिक मरीज आते हैं, जबकि इमरजेंसी में 100 से 200 के बीच मरीज आ रहे हैं। रोजाना 100 से अधिक डिजिटल और सामान्य एक्सरे और 30 से 40 के बीच सीटी स्कैन होते हैं। इसके अलावा अल्ट्रासाउंड भी 50 से अधिक होते हैं। यह सब जिम्मेदारी एक ही रेडियोलॉजिस्ट के सहारे चल रही है। वहीं, आठ से अधिक मरीजों को एमआरआई की जरूरत पड़ने पर निजी केंद्रों का रुख करना पड़ता है, जहां जांच पर हजारों रुपये खर्च करने पड़ते हैं। अस्पताल में मशीन लगने से हजारों रुपये की जांच कुछ शुल्क या फिर निशुल्क भी हो सकती है। एमआरआई मशीन आने से रेडियोलॉजिस्ट पर एक और जिम्मेदारी आ जाएगी।
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जिला अस्पताल के लिए शासन से एमआरआई मशीन स्वीकृत है। मशीन आने से मरीजों को एमआरआई कराने के लिए निजी केंद्रों का रुख नहीं करना पड़ेगा। अभी एक ही रेडियोलॉजिस्ट कार्यरत हैं।
डॉ. रविप्रकाश, प्रमुख अधीक्षक, एसबीडी जिला अस्पताल