सहारनपुर। लीवर मनुष्य के शरीर के महत्वपूर्ण अंगों में से एक है, लेकिन कुछ लोग शराब की लत के कारण लिवर को बीमार बनाकर खुद को मौत की और धकेल रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार लिवर खराब होने के जितने मामले आते हैं उनमें ज्यादातर शराब का अत्यधिक सेवन या निम्न दर्जे की शराब पीने वाले होते हैं, लेकिन यदि शराब पीने की लिमिट तय हो तो लिवर पर कम असर पड़ता है।
एसबीडी जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. अनिल वोहरा बताते हैं कि उनकी ओपीडी में कई मरीज ऐसे आते हैं, जिनको लिवर खराब होने की समस्या होती है। उनकी सलाह है कि शराब न पीया जाए तो ही बेहतर है, लेकिन यदि किसी को शराब पीने की लत है तो उसे मात्रा कम कर देनी चाहिए। अन्यथा शराब की लत और अत्यधिक सेवन लिवर के लिए घातक साबित हो सकता है, जिसमें व्यक्ति की जान भी जा सकती है। वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. संजीव मिगलानी का कहना है कि शरीर में लिवर का सबसे महत्वपूर्ण कार्य होता है। जो ब्लड को छानने के साथ टॉक्सिक केमिकल को दूर करता है। खून का थक्का बनाने का कार्य भी लिवर ही करता है। लिवर शरीर में बैट्री की तरह कार्य करता है और जरूरत पड़ने पर शरीर के लिए शुगर रिलीज करता है। कई तरह के इंफेक्शन को भी लिवर ही रोकता है। उन्होंने बताया कि उनके पास लिवर की बीमारी से जुड़े जितने भी मरीज आते हैं उनमें ज्यादातर अल्कोहलिक यानी शराब पीने वाले होते हैं। उनका कहना है कि एक दिन में 60 एमएल यानी दो पैग से अधिक शराब पीना लिवर को खराब कर सकता है।
अल्कोहलिक लिवर डिजीज
जो लोग शराब पीते हैं। उनको पांच से दस साल बाद अल्कोहलिक लिवर डिजीज का खतरा बढ़ जाता है। इससे बचने के लिए शराब का सेवन नहीं करना चाहिए।
फैटी लिवर डिजीज
जो लोग ज्यादा फैटी भोजन जैसे मांस, पिज्जा, डोसा, जंक फूड का सेवन करते है उनको फैटी लिवर होने का खतरा दस गुना बढ़ जाता है। इसके अलावा पांच घंटे से ज्यादा बैठकर काम करते है तो उनमें भी लिवर की समस्या आ जाती है, जिनका लिवर फैटी हो जाता है।
दर्द निवारक दवाएं ठीक नहीं
चिकित्सक की सलाह के बिना अपनी मर्जी से लगातार ली जाने वाली दर्द निवारक दवाएं भी लिवर को बीमार बनाती हैं। हेपेटाइटिस ए, बी या सी के कारण भी लिवर खराब हो सकता है।
लिवर खराब होने के लक्षण
-आंखों एवं पेशाब में पीलापन आना।
-पेट में दर्द होना और पेट का फूल जाना
-शरीर में थकान रहना और मल का काला आना।
डाक्टर अनिल वोहरा- फोटो : SAHARANPUR