वीडियो में लुटेरे दावा कर रहा है कि घटना में छह लुटेरे शामिल थे, जिनमें से चार लुटेरे जनसेवा केंद्र में गए थे, जबकि दो बाहर बाइक पर खड़े थे। नकदी और तीन मोबाइल लूटे थे। मोबाइल रास्ते में ही फेंक दिए थे।
उसका दावा है कि पुलिस ने लूट मामले में खैरसाल गांव के ही निखिल और इस्तखार को गलत फंसाया है, जबकि निखिल तो वारदात में शामिल नहीं था और न ही उसे घटना के बारे में पता था। हम उससे उसके दोस्त की बाइक मांगकर लाए थे।
घटना में तीन युवक गांव खैरसाल के थे, जबकि तीन बाहर के थे, जो सावेज के साथ आए थे।उसका यह भी दावा है कि निखिल मजदूरी करता है। मुठभेड़ में उसे गिरफ्तार दिखाया गया।