सहारनपुर। पंजाब पुलिस जनपद नवाशहर के मुकुंदपुर थाना क्षेत्र में वर्ष 2017 में पकड़े गए आतंकियों के सहयोगी संदिग्ध को लेकर बुधवार को यहां पहुंची। उसने जानकारी दी थी कि सहारनपुर की तरफ से हथियार खरीदे गए थे। आरोपी यहां आकर रास्ता भूल गया। इस पर पंजाब पुलिस थाना कुतुबशेर में रवानगी दर्ज कराकर लौट गई।
पंजाब के जनपद नवाशहर के डीएसपी गुरविंद्र सिंह ने बताया कि वर्ष 2017 में मुकुंदपुर में पांच संदिग्ध आतंकी एके-47, हैंड ग्रेनेड और अत्याधुनिक हथियारों के साथ गिरफ्तार हुए थे। उस दौरान करनाल निवासी एक आतंकी फरार हो गया था। पिछले दिनों फरार संदिग्ध आतंकी जगविंद्र सिंह निवासी करनाल को दबोच लिया। उसने पुलिस को बताया कि वह पांच संदिग्ध आतंकियों का कार चालक था। हथियार सहारनपुर की तरफ से लाए गए थे। इसके बाद डीएसपी गुरविंद्र पाल सिंह उसे लेकर सहारनपुर पहुंचे। उनकी गाड़ी अंबाला रोड पर थाना कुतुबशेर के समीप पहुंची तो आरोपी ने बताया कि वह रास्ता भूल गया है। उसे सिर्फ इतना याद है कि उस दौरान थाना कुतुबशेर के सामने निकले थे। वहीं, एसपी सिटी विनीत भटनागर ने बताया कि इसके बाद पंजाब पुलिस थाने में आमद और रवानगी दर्ज कराने के बाद लौट गई।
पहले भी लग चुके हैं दाग
जनपद में पहले भी आतंकी गतिविधियों से जुडे़ कई मामले सामने आ चुके हैं। इससे साफ है कि यहां कोई न कोई आतंकियों का मददगार है। ऐसे में स्थानीय पुलिस की व्यवस्था के दावों पर सवाल उठ रहे हैं।
सामने आई प्रमुख गतिविधियां
22 फरवरी, 2019 को देवबंद से जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी शाहनवाज तेली निवासी कुलगाम (जम्मू-कश्मीर) और आकिब अहमद मलिक निवासी पुलवामा की गिरफ्तारी हुई। सितंबर 2015 में दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम ने सहारनपुर रेलवे स्टेशन के बाहर से हिजबुल इंडियन मुजाहिदीन के आतंकी एजाज शेख को दबोचा।
अगस्त 2010 में पाकिस्तानी जासूस शाहिद उर्फ इकबाल भट्टी को पटियाला पुलिस ने हकीकतनगर से गिरफ्तार किया। वह देवराज सहगल नाम से यहां रह रहा था।
2005 में अयोध्या में हुए बम विस्फोट में तीतरो निवासी डॉ. इरफान को पकड़ा।
2001 में आतंकी गतिविधियों के चलते मुफ्ती इसरार को गिरफ्तार किया था।
1994 में तीन ब्रिटिश नागरिकों को बंधक बनाकर आतंकियों ने खाताखेड़ी रखा था। इन्हें छुड़ाने के दौरान मुठभेड़ में इंस्पेक्टर ध्रुवलाल की मौत हो गई थी।
1991 में लक्ष्मी सिनेमा में बम फटा था। जिसमें करीब दस लोग मारे गए थे, उस घटना में आतंकियों का हाथ बताया था।
किफायत उल्लाह उर्फ जाफर अहमद उर्फ अताउरर्हमान उर्फ अल उल्लाह मोहल्ला कस्साबान सरसावा का रहने वाला था। वह बाद में कश्मीर चला गया था, फिर आतंकी संगठन हूजी का चीफ बना।