अदालत ने सुनाई चार को आजीवन कारावास की सजा
सहारनपुर। नाबालिग का अपहरण कर हत्या करने के आरोपी चार लोगों को अपर सत्र न्यायाधीश सुरेश चंद भारती ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश ने 40-40 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया है।
26 मई 2013 को रुड़की से अपनी रिश्तेदारी में पुराना महिला अस्पताल नेहरू मार्केट सहारनपुर आए 13 वर्षीय बालक चीकू उर्फ शोभित घर के बाहर खेल रहा था। खेलते हुए वह अचानक गायब हो गया। काफी खोजबीन के बावजूद उसकी जानकारी नहीं मिल पाई। 27 मई 2013 को चीकू के पिता संजय के मोबाइल पर बीस लाख की फिरौती मांगी गई। संजय की तहरीर पर कोतवाली नगर में अपहरण का मुकदमा दर्ज किया गया। 28 मई 2013 को थाना कुतुबशेर को नहर की पटरी के पास नाली में एक शव पड़ा मिला। शव बरामद करने के बाद उसकी पहचान चीकू उर्फ शोभित के रूप में हुई। शव बरामद होने के बाद अपहरण के साथ ही हत्या की धाराएं भी जोड़ दी गई। विवेचना के दौरान पुलिस को मालूम चला कि चीकू की हत्या उसकी सगी बुआ के लड़के रुड़की निवासी नीरज उर्फ नीटू ने अपने दोस्तों गागलहेडी निवासी मेहरबान, प्रवेश और चांद कालोनी निवासी अशरफ के साथ मिलकर फिरौती के लिए की थी। पुलिस ने आठ जून 2013 को आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। सहायक अधिवक्ता मेधराज सिंह चौहान ने बताया कि पुलिस ने चारों के खिलाफ धारा 364 ए, 302, 201 120 बी आईपीसी में आरोप पत्र दाखिल किया था। मामले की सुनवाई के बाद साक्ष्य और गवाहों के आधार पर दोषी पाते हुए चारों को धारा 302/34 आईपीसी में आजीवन कारावास व 20-20 हजार रुपये अर्थदंड धारा 364 ए आईपीसी में चारों का आजीवन कारावास व दस-दस हजार रुपये के अर्थदंड, धारा 201 आईपीसी में चारों को सात वर्ष व पांच-पांच हजार रुपये के अर्थदंड, धारा 120 बी आईपीसी में चारों को आजीवन कारावास और पांच-पांच हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड की आधी धनराशि मृतक की मां को मिलेगी।