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बैंक कर्मचारियों ने रखी हड़ताल, 500 करोड़ का लेनदेन प्रभावित

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बैंक कर्मचारियों की हड़ताल, 500 करोड़ का लेनदेन प्रभावित
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सहारनपुर। युनाइटेड फोरम बैंक यूनियन के आह्वान पर विभिन्न मांगों को लेकर शुक्रवार को बैंक कर्मचारी हड़ताल पर रहे, जिससे जनपद में करीब 500 करोड़ का लेनदेन प्रभावित हुआ। बैंक कर्मचारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। शनिवार को भी बैंक कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे। हड़ताल की वजह से खाताधारकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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शुक्रवार को दिल्ली रोड स्थित ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स के बाहर बैंक कर्मचारी एकत्र हुए और वेतन पुनरीक्षण समझौते सहित अनेक मांगों को लेकर प्रदर्शन करते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस मौके पर ऑल इंडिया बैंक इंप्लाइज एसोसिएशन से प्रदीप कुमार गुप्ता, राजीव कुमार जैन, एनसीबीई के सदस्य संजय शर्मा, ऑल इंडिया बैंक आफिसर्स फेडरेशन के सदस्य मेघराम, अशोक कुमार, राजीव माहेश्वरी, आशीष कुमार ने कहा कि भारतीय बैंक संघ की हठधर्मिता के कारण पूरे देश में बैंक कर्मचारी हड़ताल पर हैं। सभी बैंकों में तालाबंदी कर कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार किया है, जिसकी जिम्मेदार केंद्र सरकार की है। उन्होंने कहा कि लंबे से समय से समस्याओं के समाधान की मांग की जा रही है, लेकिन बैंक कर्मचारियों को बार-बार आश्वासन दिया जाता है, लेकिन सरकार इसके प्रति गंभीर नहीं है। इसी के विरोध में शनिवार को भी बैंक कर्मी हड़ताल पर रहेंगे। इस दौरान संजीव शर्मा, अजय कर्णवाल, वीर कुमार जैन, राहुल कपिल, ओपी शिवा, शांति स्वरूप, यशपाल सिंह राठी, अजय गुप्ता, राजेश अरोड़ा, सतीश छाबड़ा, अतुल सिंघल, अतुल चोपड़ा, सचिन सैनी, रोहित कांबोज, बलदेव, ब्रजमोहन, अमित बौद्घ, नीरज रस्तोगी, सुुधीर जैन, शेखर शर्मा, राम सिंह, सुरेश सिंह, ब्रजमोहन शर्मा, शिप्रा कालड़ा सहित अनेक बैंक कर्मचारी मौजूद रहे। उधर, एलडीएम राजेश चौधरी ने बताया कि हड़ताल से जनपद भर में करीब 500 करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित हुआ है। वहीं, हड़ताल की वजह से खाताधारकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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बैंक कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
- पर्याप्त लोडिंग के साथ वेतन पर्ची घटकों पर 20 प्रतिशत वृद्धि पर वेतन पुनरीक्षण समझौता पूरा किया जाए।
- सप्ताह में पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था की जाए।
- मूल वेतन के साथ विशेष भत्ते का विलय किया जाए।
- नई पेंशन योजना समाप्त हो और बैंकों के विलय पर रोक लगाई जाए।
- पारिवारिक पेंशन में सुुधार हो।
- परिचालन लाभ के आधार पर कर्मचारी कल्याण कोष का आवंटन किया जाए।
- बिना सीमा पर के सेवानिवृत्ति लाभों पर आयकर से छूट मिले।
- अधिकारियों के लिए कार्य करने के घंटे निर्धारित किए जाएं।
- एक नवंबर 2017 लंबित पड़ा वेतन समझौते को पूरा किया जाए।
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