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करोडों का कारोबार प्रभावित, व्यापारी बोले, जीवन से बडा कुछ नहीं

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सहारनपुर। कोरोना के खिलाफ जंग में जिले भर के तमाम व्यापारिक और औद्योगिक प्रतिष्ठान बंद रहे। लोग अपने घरों से नहीं निकले। जिससे करोड़ों रुपये का किरयाना, सब्जी, हौजरी, वुडकार्विंग सहित अन्य कारोबार प्रभावित रहा। हालांकि उद्यमियों और व्यापारियों का कहना है कि जीवन से बड़ा कुछ भी नहीं है। कोरोना जैसी महामारी से लड़ने के लिए देशवासियों को एकजुटता दिखानी होगी।
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वुडकार्विंग उद्योग से जुड़े एक लाख से अधिक लोगों का रोजगार प्रभावित हुआ है। वुड कार्विंग कारोबारी और इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के चैप्टर चेयरमैन रविंद्र मिगलानी ने बताया कि जनपद में 500 से अधिक वुडकार्विंग की इकाइयां हैं। इसके अलावा 200 से अधिक ट्रेडर्स, सप्लायर और 50 से अधिक निर्यातक हैं। वर्ष में एक हजार करोड़ से अधिक का वुडकार्विंग का कारोबार होता है। इकाइयों के बंद रहने से काफी कारोबार प्रभावित हुआ है। लेकिन कारोबारी हो या आम आदमी सभी ने जनता कर्फ्यू को सफल बनाकर संजीदगी का परिचय दिया है।
उन्होंने कहा कि जीवन से बड़ा कुछ भी नहीं है। हौजरी उद्योग की 200 से अधिक इकाइयां बनियान, अंडरवियर, जुराब आदि की हैं। इनके अलावा लगभग 300 से ज्यादा इकाईयां रेडीमेड गारमेंट की हैं। पांच हजार से अधिक लोग इस कारोबार से सीधे तौर पर जुडे़ हुए हैं। उद्यमी मनजीत सिंह ने बताया कि इस सेगमेंट में 50 करोड़ से अधिक का कारोबार प्रतिदिन का है। यही प्रभावित हुआ है।
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मोरगंज किरयाना व्यापार संघ के अध्यक्ष अनित गर्ग ने बताया कि इस क्षेत्र में एक करोड़ रुपये का प्रतिदिन का व्यवसाय होता है। नवरात्र का सीजन होने के चलते पूजा सामग्री की बिक्री भी प्रभावित हुई है। फल-सब्जी मंडी थोक व्यापारी संघ के अध्यक्ष इकबाल सिंह चावला ने बताया कि मंडी में 250 से अधिक थोक व्यापारी हैं। मंडी में सभी का मिलाकर ढाई करोड़ से अधिक कारोबार होता है। इसके अलावा फल एवं सब्जी के फुटकर कारोबारी भी इस रोजगार से जीवन यापन कर रहे हैं। जनता कर्फ्यू के दौरान सभी कारोबारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। सभी व्यापारियों और उद्यमियों का कहना है कि इस समय चिंता लाभ हानि की नहीं बल्कि कोरोना वायरस से एकजुट होकर जंग लड़ने की है। पेट्रोल विक्रेता संघ के सचिव अतुल सिंघल ने बताया कि रोजाना 500 से अधिक पंपों पर पेट्रोल और डीजल की बिक्री की जाती है। जनता कर्फ्यू के दौरान 20 पंपों से अनिवार्य लोगों को ही तेल की सप्लाई की गई। इसके चलते 70 फीसदी से अधिक तेल की बिक्री नहीं हो पाई। इससे शहर में ही 50 लाख से अधिक का कारोबार प्रभावित रहा।
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