सहारनपुर। मंडलायुक्त एवी राजमौलि ने कहा कि मुख्य चिकित्साधिकारी जनपद में स्वयं निरीक्षण कर मेडिकल किट वितरण और आवश्यक औषधियों की आपूर्ति सुनिश्चित कराएं। लक्षणयुक्त एवं संक्रमित पाए गए सभी व्यक्तियों को मेडिकल किट उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि देवबंद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के निरीक्षण के समय मेडिकल किट में निर्धारित मात्रा में औषधियां नहीं थी। निर्धारित दवाइयों के अतिरिक्त अन्य दवाएं रखना मानक के विपरीत है। उन्होंने कहा कि विटामिन डी-3 के अभाव में उसके स्थान पर कैल्शियम रखना संतोषजनक नहीं है।
शनिवार को मंडलायुक्त ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से देवबंद के प्रभारी चिकित्साधिकारी, समस्त एएनएम, आशा, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और ग्राम सचिवों को आवश्यक निर्देश दिए। ग्राम पंचायत सचिव अपने क्षेत्र में लक्षणयुक्त एवं पॉजिटिव पाए गए व्यक्तियों को मेडिकल किट उपलब्ध होने का सत्यापन, रिपोर्ट के 24 घंटे बाद अवश्य करें। यदि किसी व्यक्ति को मेडिकल किट उपलब्ध नहीं हुई हो तो उसी दिन प्रभारी चिकित्साधिकारी को उसकी सूचना दी जाए। प्रभारी चिकित्साधिकारी एक घंटे की अवधि में संबंधित व्यक्ति को मेडिकल किट उपलब्ध कराए। प्रत्येक एएनएम को तैयार 15 मेडिकल किट पहले ही उपलब्ध करा दी जाएं। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत सचिव गरीब परिवार के व्यक्तियों को उनके घर में स्थान की कमी होने पर सरकारी विद्यालय या पंचायत घर में क्वारंटीन करें। गांव में सफाई, सैनिटाइजेशन नियमित रूप से किया जाए।
ग्राम रणखंडी, अंबेहटा शेखा, जड़ोदा जट्ट और नगर पालिका देवबंद की टीचर कॉलोनी में संक्रमण पर नियंत्रण के लिए लक्षणयुक्त लोगों को मेडिकल किट उपलब्ध करा दी जाए। ग्राम फुलास अकबरपुर, थिथकी एवं गोपाली में वैक्सीन लगवाने के अनइच्छुक लोगों से उप जिलाधिकारी देवबंद इन ग्रामों के प्रभावशाली लोगों एवं धर्मगुरुओं से वार्ता कर वैक्सीनेशन करवाएं। प्रभारी चिकित्साधिकारी ग्राम स्तर पर निगरानी समितियों की सदस्य, आशा, आंगनबाड़ी कर्मचारी आदि को मास्क, फेससिल्ड उपलब्ध कराएं। वर्चुअल बैठक में अपर आयुक्त प्रशासन डीपी सिंह, अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य अनीता जोशी, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉक्टर बीएस सोढ़ी आदि मौजूद रहे।