मेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राओं के बीच मारपीट प्रकरण
कई ओर बिंदुओं को शामिल करने की हिदायत दी
संवाद न्यूज एजेंसी
सरसावा। राजकीय मेडिकल कॉलेज में 2019 बैच के एमबीबीएस छात्रों तथा इंटर्नशिप कर रहे छात्रों के बीच मारपीट प्रकरण में जांच कमेटी द्वारा पेश रिपोर्ट को प्राचार्य ने अस्वीकार कर दिया। प्राचार्य ने जांच कमेटी को निर्देश दिए कि कुछ छूट गए बिंदुओं के साथ पुन: जांच रिपोर्ट को प्रस्तुत करें।
रविवार को राजकीय मेडिकल कॉलेज पिलखनी के प्राचार्य डॉ. अरविंद त्रिवेदी ने बताया कि 11 मई को 2019 बैच के एमबीबीएस छात्रों तथा इंटर्नशिप कर रहे छात्रों के बीच राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्रांगण से बाहर एक रिसॉर्ट में हुए मारपीट प्रकरण में जांच गठित की गई थी। कमेटी के सदस्य चार वार्डनों की टीम ने चार दिन तक जांच करने के पश्चात उनके समक्ष रिपोर्ट प्रस्तुत की थी। जांच कमेटी द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट में कुछ बिंदुओं के संबंध में वर्णन नहीं था जिसके पश्चात उन्होंने जांच कमेटी को रिपोर्ट वापस करते हुए कुछ बिंदुओं को जांच रिपोर्ट में शामिल कर जानकारी मांगी है।
प्राचार्य ने कहा कि वे अंतिम जांच रिपोर्ट प्रस्तुत होने तक इस विषय में कुछ ज्यादा नहीं कह पाएंगे। हालांकि मारपीट प्रकरण में पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज होने के पश्चात इंटर्नशिप कर रहे सात आरोपी छात्रों को निलंबित कर उनके हॉस्टलों के कमरों के बाहर नोटिस चस्पा करके ताला डाल दिया है।
बीती 11 मई को मेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राओं की एक पार्टी गोपनीय तरीके से किसी रिसॉर्ट में आयोजित की गई थी। जिसमें इंटर्नशिप कर रहे छात्रों तथा 2019 बैच के छात्रों के बीच कहासुनी तथा मारपीट हो गई थी। इसके पश्चात 2019 बैच के एक छात्र की तहरीर पर सरसावा पुलिस ने इंटर्नशिप कर रहे सात छात्रों के विरुद्ध मारपीट का मुकदमा दर्ज किया था।