सहारनपुर। जिले में सर्किल रेट की सूची तैयार करने की जोर शोर से तैयारी चल रही है। स्टांप एवं पंजीयन विभाग ने उन गांवों की सूची मांगी हैं, जहां पर शासकीय योजनाएं या फिर अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। विभाग ने इस बार नई विकसित होने वाली कॉलोनियों को भी नई दर में शामिल करने की योजना बनाई है। सभी तहसीलदारों से खसरा सूची नए प्रारूप पर मांगी गई है।
जिले में इस बार नई मानकों पर सर्किल रेट तय किए जाएंगे। स्टांप विभाग की लक्ष्य पिछले वर्ष के मुकाबले इस बार करीब 20 फीसदी बढ़कर आया है। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि इस बार सर्किल रेट में भी 15 से 20 फीसदी तक की बढ़ोतरी हो सकती है। महानगर के साथ कस्बों में भी सर्किल रेट बढ़ सकते हैं। वैसे भी शासन ने इस बार नए प्रारूप पर रेट तय करने के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य संपत्ति पंजीकरण के दौरान स्टांप शुल्क निर्धारण में एकरूपता और पारदर्शिता लाना है। नए प्रारूप में कई मानक जोड़े गए हैं।
मसलन यदि किसी प्लाट के आस-पास एक से अधिक पक्की सड़कें हैं, तो सबसे अधिक दर वाली सड़क के आधार पर मूल्यांकन करना होगा। साथ ही मकान की कुल कीमत में 15 फीसदी की अतिरिक्त बढ़ोतरी प्रस्तावित था। इसी तरह यदि किसी प्लॉट या घर के सामने पार्क है तो दस फीसदी दर अधिक रहेगी। यदि दोनों स्थितियां एक साथ हैं तो कुल मूल्य का 25 फीसदी अधिक का प्रावधान है। पिछले वर्ष एक मई से नई सर्किल रेट लागू हुए थे।
वर्जन
सर्किल रेट तय करने की प्रक्रिया जारी है। सभी तहसीलदारों से खसरा आदि की जानकारी मांगी गई है। जल्द ही नए सर्किल रेट जारी किए जाएंगे।
- ब्रजेश चौधरी, एआईजी स्टांप।