देवबंद(सहारनपुर)। जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी ने कहा कि मुल्क और मिल्लत की सेवा संगठन की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके लिए ईमानदारी, समर्पण और दृढ़ संकल्प के साथ काम करने की जरूरत है। उन्होंने युवाओं को अवसर देकर नई नेतृत्व पीढ़ी तैयार करने पर जोर दिया।
मौलाना महमूद मदनी ने बृहस्पतिवार को जारी बयान में कहा कि व्यक्तिगत प्रतिष्ठा के बजाए सामूहिक हितों को प्राथमिकता देते हुए पूर्वजों के त्याग और सेवा-भाव को अपने जीवन में अपनाना चाहिए। युवाओं को जिम्मेदारियां सौंपकर इस योग्य बनाया जाए कि वह भविष्य में संगठन का नेतृत्व संभाल सकें। मौलाना मदनी ने कहा कि जमीयत का संदेश और उसकी रचनात्मक गतिविधियां देश के हर गांव और बस्ती तक पहुंचाने के लिए समान विचारधारा वाले लोगों को साथ लेकर चलना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि कार्यों का उद्देश्य व्यक्तिगत प्रसिद्धि या निजी स्वार्थ नहीं, बल्कि अल्लाह की प्रसन्नता होना चाहिए। मौलाना महमूद मदनी ने बताया कि दारुल उलूम इस्लामिया पोकरण में हुए सम्मेलन में देशभर से आए संगठन के सभी प्रांतीय अध्यक्षों, प्रांतीय महासचिव और अन्य पदाधिकारियों को इसके लिए जिम्मेदारी संभालने के निर्देश दिए गए हैं।