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गणपति बप्पा के स्वागत की तैयारी, लोगों में उत्साह

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मिट्टी से तैयार की गई मूर्तियां - फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर। श्री गणेश उत्सव को लेकर लोगों में उत्साह है। गणेश चतुर्थी की पूर्व संध्या पर बाजारों गणपति की मूर्तियां और पूजन की सामग्री की खरीदारी हुई। इस बार बाजार में मूर्तियों की मांग बढ़ गई है। बीते वर्ष कोरोना संक्रमण की वजह से गणेश महोत्सव फीका रहा था।
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शुक्रवार को गणेश चतुर्थी पर लोग घरों में गणपति को विराजमान करेंगे। गणपति बप्पा के स्वागत की लोगों ने तैयारी कर ली हैं। इसको लेकर लोगों ने अपने घरों मंदिरों को सजाया। इसके साथ ही आर्डर पर भगवान श्री गणेश की पांच फिट तक की मूर्तियां तैयार कराई हैं। शहर में नवाबगंज चौक, दिल्ली रोड, चौकी सराय, जेल चुंगी के पास लोग गणपति भगवान की रंग-बिरंगी विभिन्न प्रकार की मूर्तियां खरीदते नजर आए और श्रद्धा से अपने घर ले गए।
मांग बढ़ी, बड़ी मूर्तियां आर्डर पर बनाई
नवाब गंज चौक के निकट मूर्ति बनाने वाले तुलसीदास का कहना है कि बाजार में पेरिस प्लास्टर से तैयार मूर्ति 500 से तीन हजार रुपये तक है। ज्यादा मांग डेढ़ से दो फुट लंबी मूर्ति की है। तीन फुट की मूर्ति आर्डर पर तैयार करते हैं। इस बार मूर्तियों के आर्डर मिले हैं। लोगों ने पांच फुट तक की मूर्तियां तैयार कराई हैं। बीते वर्ष की अपेक्षा कारोबार में 40 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है। मूर्तिकार मोनू का कहना है कि गणपति महोत्सव को लेकर इस बार लोगों में उत्साह नजर है। ज्यादातर सामान्य डेढ़ से दो फुट तक की मूर्तियां बिकी हैं।
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रंग-बिरंगी लाइटों वाले गणपति की ज्यादा मांग
कारोबारी पवन कुमार का कहना है रंग-बिरंगी लाइटों से सजी मूर्तियां खूब पसंद किया। लाइटों वाली मूर्तियां कीमत लंबाई के हिसाब से अलग-अलग है। कम से कम छोटी मूर्ति 500 रुपये की है और बड़ी मूर्तियां तीन हजार रुपये तक भी हैं।
मिट्टी और आटे से बनाईं मूर्तियां
कई जगहों पर मिट्टी की मूर्तियां तैयार की गई हैं, इनको पेंट करने के साथ ही बृहस्पतिवार को अंतिम रूप दिया। इसके साथ ही लोगों ने घरों पर आटे की मूर्तियां खुद ही बनाई हैं। पंजाबी बाग निवासी शिवानी कहना है कि वह हर साल खुद ही आटे की मूर्ति बनाकर उस पर रंग कर सुंदर गणपति तैयार करती हैं। आटे की मूर्तियों की खासियत है कि विसर्जन के दौरान वह पानी में घुल जाती हैं।
इन जगहों पर होंगे बड़े उत्सव
महानगर में राज विहार, पंत नगर, खलासी लाइन, भूतेश्वर नगर, शांति नगर, नुमाइश कैंप और हकीकतनगर में गणेश चतुर्थी को लेकर कार्यक्रम में होगे। इसके अलावा मंदिरों में भी पूजा अर्चना की जाएगी।
उड़ाएंगे अबीर गुलाल, रोज लगेगा भोग, होगी आरती
महानगर में गणपति महोत्सव आज से शुरू होगा, जो दस दिन चलेगा। कुछ लोग तीन और सात दिन में भी गणपति की मूर्ति का विसर्जन करते हैं, लेकिन बड़ी संख्या लोग दस दिन का अनुष्ठान पूरा करने के बाद ही भंडारा आयोजित कर विसर्जन करते हैं। लोग अंबाला रोड और गंगोह मार्ग स्थित पूर्वी यमुना नहर अबीर गुलाल उड़ाते हुए गणपति भगवान की मूर्ति का विसर्जन करने पहुंचते हैं। पेपर मिल रोड निवासी रूपेश कुमार और कोर्ट रोड निवासी अनूप का कहना है कि वह दस दिन का अनुष्ठान करते हैं। रोजाना प्रभु को भोग लगाने के साथ शाम को आरती होती है।
यह शुभ मुहूर्त
आचार्य रोहित वशिष्ठ और पंडित योगेश तिवारी ने बताया कि गणेश चतुर्थी पर मूर्ति स्थापित करने का शुभ मुहूर्त सुबह पांच बजे से लेकर दोपहर 12 बजे तक है। इसके बाद शाम को चार से आठ बजे तक शुभ मुहूर्त है।
ऐसे करें पूजा
सर्व प्रथम गणपति भगवान के लिए घर में पवित्र स्थान का चयन करें। प्रथम देव श्री गणेश को प्रणाम करने के साथ ही मां पार्वती व भगवान शिव और उनके परिवार व शिवगणों की पूजा अर्चना कर दस दिन का अनुष्ठान करने का संकल्प लें। भगवान को मोदक और लड्डू भोग लगाएं और ऊं श्री गणेशाय नम: का जाप करें। सुबह और शाम के समय रोजाना आरती उतारें।

बाजार में दुकान पर रखी भगवान श्रीगणेश की मूर्तियां- फोटो : SAHARANPUR

नवागंज चौक पर दुकान पर रखी भगवान श्री गणेश की मूर्तियां- फोटो : SAHARANPUR

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