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पेराई सत्र की तैयारी शुरू, जिले की मिलों पर 489 करोड रुपये अभी भी बकाया

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सहारनपुर। जनपद की चीनी मिलों में पेराई सत्र शुरू करने की तैयारियाें अंतिम चरण में हैं। इसके बावजूद किसानों के गत पेराई सत्र के करीब 489 करोड़ रुपये अभी भी शुगर मिलों पर बकाया हैं। जनपद की छह चीनी मिलों ने अब तक कुल गन्ना मूल्य का 70.67 प्रतिशत ही भुगतान किया है।
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गन्ना विभाग चीनी मिलों का नया पेराई सत्र अक्तूबर के अंतिम सप्ताह तक शुरू कराने की तैयारी में जुटा है। इसके लिए मिलों में मेंटीनेंस कार्य चल रहे हैं। लेकिन चीनी मिलें अभी भी करीब 489 करोड़ रुपये किसानों के दबाए बैठी हैं। गन्ना क्रय अधिनियम के तहत मिल में गन्ना सप्लाई करने के 14 दिन के अंदर गन्ना मूल्य भुगतान का नियम है। इसके बाद भुगतान करने पर बकाया पर 15 प्रतिशत की दर से ब्याज देने का भी प्रावधान है। लेकिन चीनी मिल समय पर गन्ना मूल्य भुगतान करने में कोताही बरतती हैं। गांव नंदी फिरोजपुर के किसान सेठपाल, प्रदीप नंबरदार, बुढ्ढाखेड़ा गुर्जर के कल्याण सिंह, हलगोया के जियाउल हक आदि किसानों का कहना है कि पूरा बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं होने से किसानों की आर्थिक स्थिति खराब हो गई है। इस समय किसानों को फसल में लागत पर अधिक खर्च करना पड़ता है। इसलिए चीनी मिलों पर दबाव बनाकर जल्द भुगतान कराया जाए।
चीनी मिलों से बकाया गन्ना मूल्य का शीघ्र भुगतान कराने के लिए प्रयास किया जा रहा है। सभी शुगर मिलें चीनी बेचकर बकाया भुगतान कर रही हैं। भुगतान में तेजी लाने के लिए मिलों पर दबाव बनाया हुआ है। चीनी मिलों पर 489 करोड़ रुपये बकाया हैं।
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- कृष्ण मोहन मणि त्रिपाठी, जिला गन्ना अधिकारी।
एक नजर में बकाया गन्ना मूल्य की स्थिति
चीनी मिल----------------बकाया
देवबंद-------------------12188 लाख रुपये
गांगनौली----------------17788 लाख रुपये
शेरमऊ-------------------6976 लाख रुपये
गागलहेड़ी----------------4133 लाख रुपये
नानौता-------------------5076 लाख रुपये
सरसावा-------------------2805 लाख रुपये
नोट: गन्ना विभाग के तीन सितंबर के आंकड़ों के अनुसार।
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