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पीएम आवास योजना के अपात्रों पर कार्रवाई की तैयारी

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सहारनपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना में पात्र बनकर लाभ लेने वाले अपात्रों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। पात्रता की जांच में 500 से अधिक लोग ऐसे पाए गए हैं, जिन्होंने अपात्र होते हुए योजना का लाभ ले लिया है। डूडा की ओर से ऐसे लोगों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। भुगतान वापस नहीं करने पर ऐसे लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कराए जाएंगे। इसके लिए नगरायुक्त ने डूडा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। नगरायुक्त/परियोजना निदेशक ज्ञानेंद्र सिंह ने इस संबंध में डूडा के परियोजना अधिकारी को पत्र लिखा है। जिसमें डीएम आलोक कुमार पांडेय के उस पत्र का जिक्र किया गया है, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ उठाने वाले अपात्रों से भुगतान वापस लेने के निर्देश दिए थे। ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायत सीमा से बाहर तथा अन्य कारणों से अपात्र लोगों से भुगतान वापस लिया जाएगा। इसके लिए अपात्रों को चिह्नित कर लिया गया है, जिनको नोटिस जारी किए जा रहे हैं। भुगतान वापस नहीं करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि अपात्रों को लाभ पहुंचाने में जो भी लोग शामिल रहे हैं उनके विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी। नगरायुक्त ने 517 ऐसे लाभार्थियों की सूची डूडा अधिकारियों को भेजी है, जिन्होंने अपात्र होने के बावजूद लाभ ले लिया है। नगर निकायों में भी अपात्रों पर कार्रवाई की जा रही है।
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अपात्रों को लाभ देने के लिए कौन जिम्मेदार
अमर उजाला ने शहरी क्षेत्र में अपात्रों को लाभ देने के मामले को लेकर मार्च महीने में प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था, जिसमें दलालों की सक्रियता की बात कही गई थी, मगर तब प्रशासन ने उसका संज्ञान नहीं लिया। हालांकि बाद में गड़बड़ियां मिलने पर कई लोगों को जेल भेजा जा चुका है, जबकि एक दर्जन से अधिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। खास बात यह है कि अपात्रों ने लाभ लेने के लिए बिचौलियों को मोटी रकम दी हुई है, जिनको आज तक पकड़ा नहीं जा सका है। इसकी भी जांच जरूरी है।
प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्रों की जांच में 517 लोग ऐसे सामने आए हैं, जो अपात्र हैं और योजना का लाभ ले चुके हैं। ऐसे लोगों से पैसे की रिकवरी यानी भुगतान वापस लिया जा रहा है, जिसके लिए नोटिस भेजे जा रहे हैं। यदि पैसा वापस नहीं करते हैं तो मुकदमे दर्ज कराए जाएंगे।
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ज्ञानेंद्र सिंह, नगरायुक्त/परियोजना निदेशक।
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