सहारनपुर पब्लिक स्कूल के छात्र-छात्राओं ने शहर के बाजारों में बिकने वाले खाद्य साम्रगी का सर्वेक्षण किया। उन्होंने पाया कि विक्रेता न तो साफ सफाई का ध्यान रखते है और न ही सामग्री की गुणवत्ता भी ठीक नहीं होती। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से मुलाकात कर जागरूकता अभियान चलाने का संकल्प लिया।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा संचालित राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस के मुख्य विषय सतत विकास के लिए विज्ञान प्रौद्योगिकी एवं नवाचार के उप विषय स्वास्थ्य, साफ सफाई एवं पोषण के अंतर्गत बाजार में बिकने वाली खाद्य सामग्री के बनाने एवं विक्रय में साफ सफाई का स्वास्थ्य पर प्रभाव के लिए सर्वेक्षण किया गया।
विद्यार्थियों ने प्रधानाचार्य सुधीर जोशी के मार्गदर्शन एवं शिक्षक मुकेश त्यागी के निर्देशन में वर्तिका गर्ग, पाखी, विक्रांत, प्रियांशा और शिवांगी ने हकीकत नगर में बिकने वाली खाद्य सामग्री का सर्वेक्षण किया।
बच्चों ने सर्वेक्षण के दौरान पाया कि इस व्यवसाय में शामिल लोग न तो उच्च गुणवत्ता के कच्चे माल का उपयोग करते है और न ही उचित साफ सफाई का ध्यान रखते है। सर्वेक्षण के दौरान बच्चों ने यह पाया कि ज्यादातर विक्रेता पढ़े लिखे नहीं है।
विद्यार्थी यहां का सर्वेक्षण करने के बाद खाद्य निगम के अधिकारी सुरेंद्र सिंह चौहान, रविंद्र कुमार, अभिषेक कुमार, नीपी शर्मा से मिले। जहां उन्हें बताया गया कि सभी कच्चा माल जांच के बाद ही बिकता है। जिससे यह साफ हो गया है कि बाजार में बिकने वाली खाद्य सामग्री के विक्रेता ही सस्ते दामों के कारण अनुचित गुणवत्ता वाले कच्चे माल का प्रयोग करते है।
अधिकारियों से मिलने के बाद विद्यार्थियों ने समस्या को दूर करने के लिए अपने स्तर से क्षेत्रवासियों को नुक्कड़ नाटक और विज्ञान आदि के माध्यम से जागरूक करने का निर्णय लिया और क्षेत्रवासियों को प्रेरित करने का संकल्प लिया।