सहारनपुर की पांवधोई नदी में गिरता क्रेजी नाले का गंदा पानी
सहारनपुर। एक तरफ नगर निगम पांवधोई नदी के पानी का उपचार कर रहा है। वहीं दूसरी ओर लोग नदी में जहरीला पदार्थ छोड़कर न केवल जलीय जीवों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, बल्कि पांवधोई के जरिए ढमोला, हिंडन और यमुना को भी प्रदूषित कर रहे हैं। पांवधोई नदी का उदगम शकलापुरी गांव से हो रहा है। वहां से ढमोला नदी में गिरने तक इसकी लंबाई सात किलोमीटर है। पांवधोई नदी ढमोला नदी की सहायक है और ढमोला नदी का पानी हिंडन में गिरने के बाद यमुना में मिलता है। इस प्रकार जो भी गतिविधि पांवधोई नदी में होती है वह ढमोला के साथ ही हिंडन और यमुना को भी प्रभावित करती है, जबकि हिंडन और यमुना नदियां सरकार की प्राथमिता में शामिल हैं, जिन्हें प्रदूषणमुक्त बनाने के लिए शासन और प्रशासन स्तर से योजनाएं चल रही हैं।
पांवधोई नदी के प्रदूषण को लेकर पूर्व में एनजीटी नाराजगी व्यक्ति करने के साथ ही नगर निगम को नोटिस भी जारी कर चुकी है। ऐसे में नगर निगम बीते करीब तीन साल से पानी का उपचार करा रहा है। एक साल से बायोरेमेडिएशन के जरिए पानी को उपचारित किया जा रहा है, लेकिन नदी में छोड़े गए नालों का पानी भी लगातार नदी में छोड़ा जा रहा है, जिसकी वजह से सफाई और गंदगी साथ-साथ चल रही हैं।