सहारनपुर। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद के गठबंधन पर दिए बयान के बाद सियासी घमासान मचा है। समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष अब्दुल वाहिद ने कहा कि कांग्रेस और सपा पार्टी का गठबंधन है। यह गठबंधन राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और नेता विपक्ष राहुल गांधी ने तय किया है। सांसद गठबंधन होने न होने पर बोलने के लिए अधिकृत नहीं है। यदि वह अधिकृत हैं तो खुलकर बताएं।
दरअसल, कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने मीडिया चैनल को दिए बयान में कहा था कि सपा मुस्लिम नेतृत्व और मुद्दों पर खुलकर बोलने से बचती है। मुस्लिम समाज के मुद्दों पर पार्टी की चुप्पी चिंताजनक है। उनकी जीत राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के नाम पर हुई है और वह खुद कांग्रेस के सिपाही हैं।
उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व जो निर्णय लेगा, वह उसे स्वीकार करेंगे, लेकिन व्यक्तिगत अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे। गठबंधन को लेकर कहा कि सहारनपुर में कांग्रेस मजबूत स्थिति में हैं और यहां पार्टी अपने दम पर चुनाव लड़ सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि हम किसी से भीख मांगने नहीं जा रहे हैं। सपा कार्यकर्ताओं और नेताओं के जरिये जुबानी हमले करा रही है।
वहीं, अब बयान पर सपा जिलाध्यक्ष चौधरी अब्दुल वाहिद ने भी निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि मात्र सोशल मीडिया पर बयान देने से मुस्लिमों के हक की लड़ाई नहीं लड़ी जा सकती। प्रदेश में सपा विपक्ष की भूमिका में हैं। जनता से जुड़े हर मुद्दे पर पार्टी सड़कों पर उतरकर सरकार का डटकर मुकाबला करती है।
कांग्रेस शासित राज्यों में पार्टी कहां है। यदि सांसद को उनकी पार्टी ने सीटों की संख्या और गठबंधन पर बोलने के लिए अधिकृत किया है तो पार्टी इस बारे में खुलकर बताए।