सहारनपुर। वाहनों से अवैध वसूली और रिश्वत लेने के मामलों पर अंकुश लगाने के लिए एक विशेष सेल का गठन करने की तैयारी चल रही है। इस सेल का कार्य एंटी करप्शन ब्यूरो की तरह होगा, जो रिश्वत लेने अथवा मांगने की शिकायत पर गोपनीय ढंग से जांच करेगी।
वैसे तो ऐसे मामलों की जांच एंटी करप्शन ब्यूरो अपने स्तर से करता है और गोपनीय जांच कर रिश्वत लेने वाले पुलिसकर्मियों की धरपकड़ की जाती है, लेकिन एंटी करप्शन ब्यूरो का कार्यालय मेरठ में है। वहां से ही जांच करने के लिए टीम अलग अलग जिलों में पहुंचती है। इसी लिहाज से डीआईजी एक विशेष सेल का गठन कराने की तैयारी में लगे हैं, जो एंटी करप्शन ब्यूरो की तरह ही कार्य करेगी। रिश्वत मांगने अथवा लेने की शिकायत मिलने पर विशेष सेल गोपनीय रूप से जांच करेगी और पुख्ता साक्ष्य भी इकट्ठा करेगी। रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ने का प्रयास किया जाएगा।
-- दो दिन पहले ही होमगार्ड के खिलाफ हुई कार्रवाई
मीट सप्लायर के वाहन से अवैध वसूली की शिकायत पर दो दिन पहले ही नागल तिराहे पर तैनात एक होमगार्ड के खिलाफ कार्रवाई हुई है। इस मामले में वाहन चालक ने मौके से ही एक उच्चाधिकारी के मोबाइल नंबर पर कॉल कर दी, जिसके बाद आरोपी होमगार्ड के खिलाफ कार्रवाई हुई। ड्यूटी से हटाने के साथ ही होमगार्ड कमांडेंट को भी पत्र भेज दिया गया।
-- विशेष सेल बनाने पर चल रहा विचार : डीआईजी
डीआईजी उपेंद्र अग्रवाल ने बताया कि रिश्वत मांगने के मामलों में ठोस कार्रवाई के लिए विशेष सेल बनाने पर विचार किया जा रहा है। यह सेल एंटी करप्शन ब्यूरो की तरह ही कार्य करेगा। गोपनीय जांच होगी और रंगे हाथ आरोपी को पकड़ा जाएगा।