सहारनपुर। सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता फरहा फैज ने छात्राओं को बताया कि अक्सर पुलिस किसी आपराधिक मामले में लोगों को पूछताछ आदि के लिए थाने बुलाती है, लेकिन जब तक पुलिस नोटिस न दे तब तक थाने जाने की जरूरत नहीं है, साथ ही पुलिस किसी भी महिला आरोपी को रात में गिरफ्तार नहीं कर सकती। फरहा फैज मुन्नालाल एंड जयनारायण खेमका गर्ल्स कॉलेज में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित अपराजिता कार्यक्रम को बतौर मुख्य वक्ता संबोधित कर रही थीं।
उन्होंने छात्राओं को उनके सांविधानिक अधिकारों और कर्तव्यों के बारे में बताया। शिक्षा को तरक्की का आधार बताते हुए छात्राओं को उच्च शिक्षित बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि कानून की छोटी-छोटी जानकारी के अभाव में अक्सर लोग सड़क पर घायल पड़े लोगों की मदद तक नहीं करते, क्योंकि उन्हें डर रहता है कि पुलिस पूछताछ करेगी और कहीं उन्हें ही न फंसा दे, जबकि ऐसा नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि आपको घर या घर से बाहर लगे कि आपको किसी भी तरह का खतरा है तो तुरंत 112 डायल करें, जिसके बाद पुलिस चंद मिनट में आपकी मदद के लिए मौके पर पहुंच जाएगी।
उन्होंने छात्राओं को 118 और 1090 हेल्पलाइन नंबरों के बारे में भी जानकारी दी। ज्यादातर लोगों के पास अस्पताल जाने के लिए गाड़ी नहीं होती है। पता नहीं होने की वजह से वह परेशान हो जाते हैं, लेकिन यदि परिवार में या कहीं भी मेडिकल समस्या है तो तुरंत 108 नंबर डायल करें। गर्भवतियों को इमरजेंसी में अस्पताल पहुंचाने के लिए 102 नंबर डायल करें। उन्होंने छात्राओं को अनेक आर्टिकल के बारे में भी बताया। इस दौरान कार्यवाहक प्राचार्य प्रो. अनुपम बंसल, प्रो. सीमा रानी, प्रो. रत्ना त्रिवेदी, प्रो. जया, प्रो. अनुपम गुप्ता आदि रहीं।
बिना शिकायत पूछताछ नहीं कर सकती पुलिस
अधिवक्ता ने छात्राओं को बताया कि अक्सर पुलिस घर पर आती है और किसी भी मामले में पूछताछ करने लगती है। ऐसे में आप सबसे पहले पुलिस से पूछ सकते हैं कि आपके पास क्या शिकायत है और किसने की है। साथ ही महिलाओं से पुलिस द्वारा पूछताछ के लिए महिला पुलिस साथ होना जरूरी है।
कोई पीछा करे या कमेंट करे तो भी अपराध
अधिवक्ता फरहा फैज ने छात्राओं को बताया कि यदि कोई व्यक्ति आपका पीछा करता है या गलत कमेंट करता है तो यह भी अपराध की श्रेणी में आता है। ऐसा होने पर तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत करें। इमरजेंसी की स्थिति में 112 नंबर डायल करें या नजदीकी लोगों से मदद ले सकती हैं। इसके अलावा ऐसे व्यक्ति का अपने मोबाइल में फोटो खींच लें। यदि वह बाइक पर है तो गाड़ी के नंबर का फोटो खींचकर पुलिस को उपलब्ध कराएं।