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जिले में भी जिंदगियां छीनती रही जहरीली शराब

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जहरीली शराब से जान गंवा चुके विश्वास के बच्चे। - फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर। बुलंदशहर में जहरीली शराब से मौतों के बाद जिले में भी पुलिस, प्रशासन और आबकारी विभाग की टीमें अलर्ट हो गई हैं। जहरीली शराब के कारण यहां भी जिंदगियां खतरे में पड़ती रही हैं। दो साल पहले ही उत्तराखंड से यहां पहुंची जहरीली शराब की वजह से ही 100 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी। इसके बावजूद शराब की अवैध तस्करी और मिलावटखोरी का खेल बंद नहीं हुआ है। पुलिस और आबकारी विभाग की कार्रवाई में ही पिछले एक साल के अंदर ही 830 मुकदमे दर्ज किए गए हैं। इनमें 334 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनके कब्जे से अवैैध रूप से निर्मित, तस्करी और मिलावटी श्रेणी की 32 हजार लीटर से अधिक शराब बरामद की जा चुकी है। इसके साथ ही 160 शराब की भट्ठियों को नष्ट कराया गया है।
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- कार्रवाई के बाद भी नहीं हुआ खास सुधार
- जिले में गागलहेड़ी, नागल, नकुड़, गंगोह, देवबंद, बेहट, मानकमऊ सहित अन्य क्षेत्रों में अवैध और मिलावटी शराब के मामले लगातार सामने आते रहे हैं। पिछले साल जहरीली शराब प्रकरण के बाद 55 आरोपियों पर गैंगस्टर की कार्रवाई हुई थी। साथ ही आबकारी अधिकारियों पर भी कार्रवाई हुई थी।
250 से ज्यादा दुकानों की चेकिंग, 30 बोतलों के नमूने लिए
सहारनपुर। बुलंदशहर में जहरीली शराब से मौतों पर सीएम की सख्ती होते ही शुक्रवार को पुलिस, प्रशासन और आबकारी विभाग की टीमें शहर से देहात तक चेकिंग के लिए दौड़ीं। सुबह से रात तक जारी रहे अभियान में सिटी मजिस्ट्रेट सुरेश कुमार सोनी, आबकारी निरीक्षक उपेंद्र कुमार, मनोज शर्मा सहित अन्य टीमों ने शहर में चेकिंग की। वहीं, तहसीलों में एसडीएम, सीओ और थाना प्रभारियों की अगुवाई में जांच कराई गई। जिले की 250 से अधिक देशी और अंग्रेजी शराब की दुकानों पर जांच की। यहां से 30 बोतलों के नमूने लिए गए। इनकी जांच कराई जाएगी।
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अपनों का सहारा छिना, सरकारी मदद भी न मिली
गागलहेड़ी। दो साल पहले जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद पीड़ित परिवार अब तक भी अपनों को खोने का गम नहीं भुला पाए हैं। सबसे अधिक 18 मौतें अकेले कोलकी कला गांव में हुई थी। इस गांव में कुछ ही परिवारों को मुआवजा मिला। गांव के अरुण की मौत के बाद उसकी पत्नी माया सिलाई करके बच्चे पाल रही है। गांव की नीलम कहती हैं कि उसके परिवार में तो पति नीरज और ससुर की मौत जहरीली शराब से हुई थी। किसी तरह मजदूरी करके परिवार चला रही हैं। रेशमा और रीना भी ऐसे ही परिवारों की महिलाएं हैं। वे कहती हैं कि दो-दो लाख रुपये देने के दावे हुए थे। मगर कोई मदद नहीं मिली।

जहरीली शराब कांड की पीड़िता माया और उसके बच्चे।- फोटो : SAHARANPUR

जहरीली शराब कांड की पीड़िता नीलम।- फोटो : SAHARANPUR

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