सहारनपुर में लोकसभा चुनाव में पश्चिमी यूपी की सीटों पर भाजपा कोई कोर कसर छोड़ने को तैयार नहीं है। प्रथम चरण के चुनाव से ही भाजपा बढ़त लेना चाहती है, तभी तो शीर्ष नेतृत्व का ध्यान पश्चिमी यूपी की सीटों पर लगा हुआ है। यही वजह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मेरठ में रैली के बाद भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बागपत और बिजनौर में रैली की तो अब सहारनपुर के नानौता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली प्रस्तावित है। यहां से प्रधानमंत्री सहारनपुर लोकसभा सीट के साथ ही कैराना सीट के सियासी समीकरण साधेंगे।
लोकसभा चुनाव की रणभेरी बजते ही सभी पार्टियों के नेता रैलियां करने में जुटे हैं। अभी 28 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेरठ से चुनाव अभियान की शुरुआत की। जबकि उससे पहले 24 मार्च को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मां शाकंभरी देवी मंदिर दरबार से चुनाव प्रचार का शंखनाद किया था। रविवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने बागपत और बिजनौर में चुनावी जनसभा की।
इसके बाद प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की चुनावी जनसभा शामली जनपद में होनी है, जबकि पांच अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुनावी रैली नानौता क्षेत्र में कराई जाएगी। नानौता क्षेत्र सहारनपुर और शामली जनपद के बॉर्डर पर है, जो कैराना और सहारनपुर लोकसभा सीट से जुड़ा हुआ है। यहां से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली कई मायने में अहम मानी जा रही है।
भाजपा का फोकस पश्चिमी यूपी की इन सीटों पर बना हुआ है, क्योंकि प्रथम चरण में होने वाले चुनाव से जो हवा चलेगी, वह दूर तक जाएगी। इसका असर अगले चरण के होने वाले चुनाव पर भी दिखाई देगा। यही वजह है कि पश्चिमी यूपी की सीटों पर भाजपा ने पूरी ताकत लगा रखी है।