फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: लोकसभा चुनाव बहिष्कार की घोषणा, पुल नहीं तो वोट नहीं लिखे बैनर टांगे, सहारनपुर में धरने पर बैठे ग्रामीण

Sat, 10 Feb 2024 11:51 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, सहारनपुर

सार

Lok Sabha Election 2024 : सहारनपुर के गांव मुर्तजापुर के ग्रामीणों ने लोकसभा चुनाव बहिष्कार की घोषणा की है। ग्रामीणों ने गांव के बाहर पुल नहीं तो वोट नहीं लिखे बैनर टांग दिए और धरने पर बैठ गए हैं।
विज्ञापन
ग्रामीणों ने लोकसभा चुनाव के बहिष्कार की घोषणा की। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सहारनपुर में बेहट के गांव मुर्तजापुर के ग्रामीणों ने बरसाती नदी पर पुल निर्माण की मांग को लेकर लोकसभा चुनाव के बहिष्कार की घोषणा करते हुए गांव के बाहर रास्ते पर पुल नहीं तो वोट नहीं लिखे बैनर टांग दिए। इसके बाद ग्रामीणों ने गांव में जुलूस निकाला और नदी किनारे धरने पर बैठ गए।

विज्ञापन


तीन हजार की आबादी वाले गांव मुर्तजापुर और बेहट कस्बे के बीच मसखरा नदी है। पिछले दो दशक से ग्रामीण नदी पर पुल निर्माण की मांग करते आ रहे हैं। शनिवार को ग्रामीणों ने लोकसभा चुनाव का बहिष्कार करने की घोषणा करते हुए गांव के बाहर मैन रास्ते पर पुल नहीं तो वोट नहीं लिखे बैनर टांग दिए हैं। साथ ही गांव में कल निर्माण की मांग को लेकर जुलूस निकालते हुए नदी किनारे पहुंच कर टेंट गाड़ कर धरने पर बैठ गए।

वहीं, ग्रामीणों के चुनाव बहिष्कार की घोषणा और धरने पर बैठने की सूचना मिलते ही एसडीएम दीपक कुमार मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीणों ने पुल निर्माण के लिए बजट की स्वीकृति तक धरना जारी रखने की बात कही। इस पर एसडीएम वापस लौट गए। धरने पर प्रधान पति खड़क सिंह, दयालपुर के ग्राम प्रधान अनिल सैनी, कंवरपाल, शेरपाल, रवि, महेंद्र सिंह, पदम सिंह, सुरेश, गौतम, निगम, ओमपाल, प्रिंस आदि बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल रही।

यह भी पढ़ें: खुल गई पोल: फर्जी डिग्री से बंगलूरु में चार बने असिस्टेंट प्रोफेसर, महिला भी शामिल, जांच में हुए बड़े खुलासे
विज्ञापन

पुल न होने से तय करनी पड़ती है आठ किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी
मुर्तजापुर और बेहट कस्बे के बीच 500 मीटर की दूरी है, जिसमें मसखरा नदी पड़ती है। बरसात के चार महीने नदी में बाढ़ आने पर ग्रामीणों को दयालपुर वाया कलसिया होते हुए आठ किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय कर बेहट आना पड़ता है। मुर्तजापुर से होते हुए बेहट आने के लिए करीब 25 गांवों के लोगों का आवागमन इसी रास्ते से होता है।

यह भी पढ़ें: CA Death Case: जिस दिन सिर पर सजा था सेहरा, उसी दिन आई मौत, शादी की 17वीं सालगिरह पर घूमने गए थे शिमला
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें