सहारनपुर। सोफिया गर्ल्स सीनियर सेकेंड्री स्कूल से आईटीसी रोड पर निकलने वाले मार्ग को तोड़कर नई सड़क बनाने का काम इन दिनों चल रहा है। खास बात यह है कि स्थानीय लोग इससे खुश नहीं हैं। उनका कहना है कि ठीक-ठाक सड़क को तोड़कर नई सड़क बनाया जाना जनता के पैसे की बर्बादी है।
नवीन नगर और ओजपुरा के बीच से होकर गुजरने वाली सड़क पर करीब सात वर्ष पहले इंटरलॉकिंग टाइल्स बिछाई गई थी। स्थानीय लोगों की मानें कुछ जगह छोड़कर बाकी सड़क पूरी तरह दुरुस्त थी, जिसे अब अचानक से उखाड़कर नई सड़क बनाने का काम चल रहा है। उन्होंने सड़क के फोटो भी उपलब्ध कराए हैं। बताया कि पांच दिन से मजदूर टाइल्स को उखाड़कर ट्रॉली में लादकर ले जा रहे हैं। उखाड़ी गई टाइल्स पूरी तरह ठीक हैं। क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्या पानी की निकासी नहीं होना है। जिसकी वजह से बरसात के दिनों में जलभराव की समस्या रहती है। सोफिया स्कूल की बगल की सड़क पर घुटनों तक पानी रहता है। सामान्य दिनों में भी नालियों में पानी रुका रहता है। इसके अलावा सीवर लाइन भी नहीं है। नगर निगम को सड़क की बजाय पानी की निकासी की व्यवस्था करने पर काम करना चाहिए था।
क्षेत्रवासियों की बात...
--नवीन नगर निवासी मुकेश कुमार ने बताया कि मोहल्ले के लोगों की समस्या सड़क नहीं थी। पानी की निकासी नहीं होने की शिकायत क्षेत्रवासी कई बार कर चुके हैं। निगम को पहले निकासी की व्यवस्था करनी चाहिए थी।
--रविंद्र सिंह ने बताया कि ठीकठाक सड़क को उखाड़कर नई सड़क बनाया जाना जनता के पैसे की बर्बादी है। नगर निगम को जनता की डिमांड के हिसाब से काम करना चाहिए ना कि अपनी मर्जी से। जो समस्याएं हैं उन पर किसी का ध्यान नहीं है।
--विवेक कुमार ने बताया कि सड़क को तोड़े जाने से हर कोई हैरान है। मुख्य समस्याओं को दूर किया जाना चाहिए था, जो सीवर और पानी की निकासी से जुड़ी हैं। सड़क अब भी चार से पांच साल आराम से चल जाती।
--विक्की ने बताया कि मोतीराम वाली गली से सोफिया स्कूल के मेन गेट तक जाने वाली सड़क जगह-जगह से टूटी होने के साथ ही कम चौड़ाई की है। मोहल्लों की भी सड़कें टूटी हैं, जिन पर पहले काम करने की जरूरत है।
नवीन नगर की सड़क पूरी तरह टूट चुकी थी, जिसे बनवाने की जरूरत समझी गई। रही बात अन्य समस्याओं की तो क्षेत्र का सर्वे कर समस्याओं का पता लगाया जाएगा। प्राथमिकता के आधार पर समस्याओं को दूर कराया जाएगा।
आलोक श्रीवास्तव, एक्सईएन (निर्माण) नगर निगम।