सहारनपुर में एक ओर जहां सरकार के नुमाइंदे अगले महीने से 24 घंटे आपूर्ति के दावे कर रहे हैं, वहीं विद्युत निगम की मनमानी की वजह से शहर क्षेत्र में जनता को पांच से छह घंटे ही बिजली मिल रही है। 18 घंटे तक की बिजली कटौती को लेकर उपभोक्ताओं में नाराजगी है। आपूर्ति में शीघ्र सुधार न होने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी गई है।
बेहट रोड स्थित हकीमपुरा फीडर से जुड़ी कॉलोनियों और गांवों में पिछले करीब तीन साल से आठ से 10 घंटे बिजली दी जा रही है। हैरत की बात यह है कि इन तीन साल में शायद ही कोई रात ऐसी रही हो, जब बिजली मिली हो। क्षेत्र की जनता को केवल दिन के समय आठ से दस घंटे की बिजली मिलती रही है। पिछले दिनों मुख्यमंत्री के सलाहकार सहारनपुर पहुंचे थे। उन्होंने अक्टूबर माह से जनपद खासकर शहरी क्षेत्र को 24 घंटे बिजली आपूर्ति होने की बात कही थी। मगर उसी दिन से हकीमपुरा फीडर से सप्लाई गड़बड़ाई हुई है। क्षेत्रवासियों को 24 घंटे में से मुश्किल से छह घंटे आपूर्ति की जा रही है।
आपूर्ति में हो रहा भेदभाव हकीमपुुर फीडर से जुड़े गांवों में अलग-अलग बिजली दी जा रही है। क्षेत्रवासियों का यही आरोप है। शनिवार की सुबह गांव ज्ञानागढ़ और बिशनपुर में बिजली नहीं थी, जबकि बेहट रोड से सटे गांवों में बिजली आपूर्ति जारी थी। ग्रामीण अशोक, बिशंबर सिंह, पवन और धर्म सिंह का आरोप है कि विद्युत निगम के अफसर राजनीतिक कारणों से कुछ खास लोगों को बिजली दे रहे हैं, जबकि उनके गांवों से बिजली की कटौती की जा रही है।
उधर, एसडीओ ने भेदभाव किए जाने की बात से इनकार किया है। उनका कहना है कि लाइन में गड़बड़ी की वजह से कई बार आपूर्ति बाधित हो जाती है। जानबूझकर नहीं किया जाता।