सहारनपुर में कमिश्नर एमपी अग्रवाल ने जल निगम के अफसरों से कहा कि जिन गांवों के हैंडपंपों का पानी दूषित हो चुका है। वहां के पानी की जांच कराने के साथ ही ग्रामीणों के लिए पेयजल की व्यवस्था की जाए। वह शनिवार को सर्किट हाउस में मासिक समीक्षा बैठक ले रहे थे। इस दौरान रेलवे, कृषि और स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं पर भी चर्चा की गई।
कमिश्नर ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को कहा कि जब भी आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों की जांच के लिए चिकित्सकों की टीम भेजी जाए तो उससे एक दिन पहले वहां सूचना भेज दी जाए, जिससे अगले दिन सभी बच्चे मौजूद रहें। सोलर पंप के तहत किसानों को पंप देरी से मिलने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने लापरवाही बरत रही कंपनियों को नोटिस भेजने के निर्देश दिए। श्रम विभाग के अफसरों को तहसील और ब्लॉकों में होने वाली बैठकों में जाने के निर्देश दिए गए।
इस दौरान समाजवादी पेंशन, आंगनबाड़ी केंद्र, निर्माण, कुक्कुट विकास, लोहिया ग्राम आवास योजना, सड़क, टीकाकरण, पशु टीकाकरण, भारत स्वास्थ्य मिशन, कौशल विकास, सोलर लाइट, आधार कार्ड आदि पर भी चर्चा की गई। बैठक में डीएम मुजफ्फरनगर दिनेश कुमार, डीएम शामली सुुजीत कुमार, सीडीओ दीपक मीणा, वासु रस्तोगी, आरपी उपाध्याय आदि थे।
किसानों की समस्या उठाई
बैठक के दौरान सीडीओ दीपक मीणा ने बताया कि किसान दिवस में बड़ी संख्या में शिकायतें मिली हैं। किसानों का आरोप है कि लगातार बिल चुकाने के बाद भी उनके कनेक्शन काटे जा रहे हैं, जबकि जो लोग कटिया डालकर ट्यूबवेल चला रहे हैं, उन पर कार्रवाई नहीं की जाती है।
इस पर मुख्य अभियंता विद्युत निगम ने बताया कि जिन किसानों के कनेक्शन काटे गए हैं, उन्होंने दस साल से बिल जमा नहीं कराया है। कमिश्नर ने कहा कि किसानों को बिना वजह परेशान न किया जाए।