बिना कोरोना टेस्ट बैंक में प्रवेश करने से रोका, लोगों ने जताया ऐतराज
नकुड़ (सहारनपुर)। एसडीएम के निर्देश पर बैंकों के बाहर तैनात गार्ड ने बिना कोरोना टेस्ट कराए ग्राहकों के अंदर प्रवेश करने पर रोक लगा दी है। इसकी वजह से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कुछ लोगों ने निर्देश को सही नहीं माना है। उन्होंने इस पर ऐतराज उठाया है। उनका कहना है कि केवल संदिग्ध लोगों के लिए ही ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए। सभी ग्राहकों के लिए एकदम कोरोना टेस्ट कराना भी आसान नहीं है।
बुधवार को एसडीएम पीएस राणा ने सभी स्थानीय बैंक प्रबंधकों को पत्र जारी कर कोरोना टेस्ट रिपोर्ट दिखाए बिना ग्राहकों से लेनदेन न करने के निर्देश दिए थे। एसडीएम के निर्देश पर लगभग सभी बैंकों की ओर से इस संबंध में बाहर नोटिस भी चस्पा कर दिया गया है। कॉर्पोरेशन बैंक के बाहर तैनात गार्ड ने बताया कि बैंक प्रबंधक ने बिना कोरोना टेस्ट रिपोर्ट दिखाए ग्राहकों के अंदर प्रवेश करने पर रोक लगा दी है। बताया कि दोपहर बारह बजे तक वह करीब तीस लोगों को कोरोना टेस्ट कराने के लिए बैंक से वापिस भेज चुके हैं। इनमें से आठ लोग अपने टेस्ट कराकर बैंक लौटे हैं। उसके बाद ही उन्हे अंदर जाने दिया गया है। बताया कि इससे आज काफी लोगों को बिना लेनदेन किए ही वापस जाना पड़ा। इसके चलते बैंकों के अंदर ग्राहकों की कमी नजर आई।
ऐसे निर्देश का विरोध करेंगे : अशोक कुमार
- भाकियू के जिला महामंत्री अशोक कुमार ने कहा कि यह निर्देश किसानों को परेशान करने वाला है। भाकियू इसका विरोध करती है। यदि शासन प्रशासन को किसानों की इतनी ही चिंता है तो चिकित्सकों की टीम को घर-घर भेजकर सभी लोगों के कोरोना टेस्ट कराएं।
संदिग्ध लोगों को ही वापस भेजें : राठौर
- भाजपा व्यावसायिक प्रकोष्ठ के जिला संयोजक पवन सिंह राठौर ने कहा कि बिना कोरोना रिपोर्ट के ग्राहकों के बैंक में प्रवेश पर रोक लगाना उचित नही है। इससे लोगों के बैंक संबंधी सभी जरूरी कार्य रूक जाएंगे। खांसी, जुकाम या बुखार जैसे लक्षण दिखने पर संदिग्ध लोगों को ही वापस किया जाए या प्रवेश न दिया जाए।
इतनी जल्द सबके टेस्ट संभव नहीं : गोयल
- वरिष्ठ भाजपा नेता सरस गोयल ने कहा कि बिना किसी पूर्व सूचना के अचानक से इस तरह के निर्देश से लोग परेशान हैं। इतनी जल्दी सभी लोगों के टेस्ट होना संभव नही है। इस पर पुनर्विचार करना चाहिए। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के जिलाध्यक्ष सुभाष सिंघल ने भी इसे गलत बताया।
अधिकतर बैंकों में संदिग्धों पर ज्यादा नजर
- इस मामले में अग्रणी बैंक प्रबंधक राजेश चौधरी का कहना है कि अधिकतर बैंकों में संदिग्ध लोगों के प्रति ही ज्यादा निगरानी की जा रही है। हालांकि बैंक में आने वाले सभी ग्राहकों को मास्क लगाने, सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने और कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए जागरूक किया जा रहा है।
बुजुर्ग, बीमार, संदिग्ध लोगों के लिए निर्देश
- एसडीएम पीएस राणा ने कहा कि यह निर्देश मुख्य रूप से बुजुर्ग, बीमार और संदिग्ध लोगों के लिए है। साथ ही बैंकों में आने वाले लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रयास सिर्फ इतना है कि अधिक से अधिक लोग जागरूक रहें और संदिग्ध होने पर जांच से परहेज न करें। वहीं, अपर जिला अधिकारी प्रशासन एसबी सिंह कहते हैं कि संदिग्धों पर अधिक नजर रखना जरूरी है। अनावश्यक रूप से भी किसी को परेशानी नहीं होनी चाहिए।