सहारनपुर। मंडलायुक्त एवी राजमौलि ने कहा कि जनसमस्याओं का समयबद्ध निस्तारण किया जाए। बिना किसी औचित्य के पत्रावलियों को लंबित रखने वाले कर्मचारियों को दंड़ित किया जाए। उन्होंने कहा कि संवेदनशील पटल पर योग्य और प्रशिक्षित कर्मचारियों की तैनाती की जाए। चरित्र प्रमाणपत्र की पुलिस जांच के लिए समय सीमा निर्धारित करने के भी निर्देश दिए।
मंडलायुक्त ने बुधवार को कलक्ट्रेट का वार्षिक निरीक्षक किया। इस दौरान राजस्व पटल से जनपद में तालाबों पर अवैध कब्जे की जानकारी ली। पटल सहायक ने उन्हें बताया कि 559 हेक्टेयर तालाब की भूमि पर अवैध कब्जा था। जिसमें से 436.978 हेक्टेयर भूमि को मुक्त करा दिया है। मंडलायुक्त ने तालाबों की खोदाई कराने के निर्देश दिए। साथ ही भू-माफिया को चिह्नित कर दंडित करने, न्यायालय में लंबित वादों के समयबद्ध निस्तारण, लंबे समय से लंबित वादों की निरंतर सुनवाई कर तत्काल निर्णय लेने का निर्देश दिया। जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय से कन्या सुमंगला योजना और रानी लक्ष्मीबाई योजना के आवेदन पत्रों का समयबद्ध निस्तारण करने को कहा। रिकार्ड रूम में रोस्टर बनाकर सफाई की व्यवस्था करने, शासकीय हित के वादों के निस्तारण के लिए बेहतर पैरवी कराने, आईआरजीएस पोर्टल पर शिकायतों के निस्तारण के लिए शिकायतकर्ता से फीडबैक लेने को कहा। साथ ही अच्छा काम करने वाले कर्मचारियों को सम्मानित करने और कोताही बरतने वालों को दंडित करने का निर्देश दिया।
वहीं, राजस्व अभिलेखागार के निरीक्षण के दौरान समयबद्ध नकल निस्तारण नहीं किए जाने पर नाराजगी जताई। चार माह से अधिक समय से आवेदन पत्र का निस्तारण नहीं किए जाने वाले मामलों की जांच करके कार्रवाई के निर्देश दिए। शस्त्रागारों की पत्रावली और कोविड-19 सेंटर का भी निरीक्षण किया।
इस दौरान अपर आयुक्त (प्रशासन) डीपी सिंह, जिलाधिकारी अखिलेश सिंह, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) एसबी सिंह, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) विनोद कुमार, नगर मजिस्ट्रेट सुरेश सोनी, डिप्टी कलक्टर पूरन सिंह राणा, उपजिलाधिकारी सदर अनिल सिंह आदि मौजूद रहे।