सहारनपुर। दिल्ली रोड पर एक नर्सिंग होम के लिए खरीदी गई जमीन का बैनामा कराने में कम स्टांप शुल्क अदा किया गया। जिला मजिस्ट्रेट अखिलेश सिंह के न्यायालय ने जमीन क्रेता पर पांच लाख रुपये जुर्माना लगाने के साथ करीब 11 लाख रुपये स्टांप शुल्क भी अदा करने का आदेश दिया है।
जिला शासकीय अधिवक्ता (राजस्व) अजय त्यागी ने बताया कि डॉक्टर राजीव कुमार तिवारी और डॉक्टर क्षिप्रा धवन तिवारी ने 2017 में दिल्ली रोड पर जमीन का बैनामा लिया था। बैनामा कराते वक्त जमीन को आवासीय दर्शाया गया था। जबकि बैनामे के बाद हुई जांच में वहां व्यावसायिक गतिविधि पाई गईं। इस लिहाज से बैनामा कराने में व्यावसायिक दरों के अनुसार स्टांप शुल्क दिया जाना चाहिए था, जो 43,00,380 रुपये बनता था। इसके स्थान पर 31,92,000 रुपये स्टांप शुल्क जमा किया गया था। उन्होंने बताया कि यह मामला जिला मजिस्ट्रेट की न्यायालय में चला। उसमें बचाव पक्ष के अधिवक्ता और चार्टर्ड अकाउंटेंट की तरफ से दलील दी गई कि आवासीय परिसर को मरीजों की सुविधा के अनुसार सलाह देने हेतु स्थल के रूप में ही उपयोग किया गया।
जिला शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि जांच रिपोर्ट और पत्रावली का अवलोकन करने और दोनों पक्षों की दलील सुनने के उपरांत जिला मजिस्ट्रेट अखिलेश सिंह ने स्टाम्प शुल्क कमी के रूप में 11,08,380 रुपये और पांच लाख रुपये अर्थदंड सहित कुल 16,08,380 रुपये जमा कराने और बैनामे की तिथि से स्टाम्प शुल्क कमी की रकम पर 1.5 प्रतिशत मासिक दर से साधारण ब्याज भी अदा करने का आदेश दिया है।