फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नहीं हुआ भुगतान, परेशान गन्ना किसान

विज्ञापन
किसान जसवंत सिंह - फोटो : SAHARANPUR
विज्ञापन
सहारनपुर। जनपद की सभी छह शुगर मिलों का पेराई सत्र समाप्त हो गया है। इसके बावजूद जिले के किसानों का चीनी मिलों पर करीब 622 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य के बकाया है। भुगतान में सबसे आगे देवबंद मिल है। सबसे अधिक बकाया गांगनौली चीनी पर है। बकाया गन्ना मूल्य भुगतान नहीं होने से किसानों के सामने आर्थिक संकट पैदा हो गया है।
विज्ञापन

शासन प्रशासन के तमाम प्रयास किसानों को समय पर गन्ना मूल्य भुगतान कराने में विफल साबित हो रहे हैं। जिले की सभी मिलों का पेराई सत्र समाप्त हो चुका है। मंगलवार को देवबंद शुगर मिल का भी पेराई सत्र समाप्त हो गया। इसके बावजूद किसानों को बकाया गन्ना मूल्य भुगतान पाने के लिए तरसना पड़ रहा है। जिससे किसानों को रोजमर्रा के खर्च चलना भी मुश्किल हो रहा है। गन्ना विभाग के 31 मई के आंकड़ों के अनुसार गांगनौली चीनी मिल पर किसानों के 267 करोड़, शेरमऊ पर 48.37 करोड़, गागलहेड़ी पर 90.27 करोड़, नानौता पर 145 करोड़ और सरसावा पर 70.75 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य के बकाया हैं।
बकाया गन्ना मूल्य भुगतान में कोताही बरत रही चीनी मिलों को नोटिस जारी किए गए हैं। उन्हें बकाया भुगतान में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। बकाया भुगतान में कोताही बरतने वाली चीनी मिलों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। --- कृष्ण मोहन मणि त्रिपाठी, जिला गन्ना अधिकारी।
विज्ञापन

रोजमर्रा के खर्च के लिए लेना पड़ रहा कर्ज
गांव ताजपुर निवासी किसान वीरपाल सिंह ने बताया कि उनका चीनी मिल पर करीब तीन लाख रुपये गन्ना मूल्य के बकाया हैं। बकाया गन्ना मूल्य भुगतान नहीं होने से उनके सामने बच्चों की स्कूल फीस देने और बीमारी आदि पर होने वाले खर्च को पूरा करने के लिए परेशानी हो रही है। इसके चलते उन्हें रोजमर्रा के खर्च के लिए भी कर्ज लेना पड़ रहा है।
बेटी को आगे पढ़ाने में असमर्थ
गांव पनियाली कासिमपुर के किसान भगत सिंह भुल्लर का कहना है कि चीनी मिल पर उसके करीब चार लाख रुपये गन्ना मूल्य के बकाया हैं। समय पर गन्ना भुगतान और ब्याज न मिलने के कारण उन्हें आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। बेटी को बीटेक कराना चाहता हूं, लेकिन बकाया गन्ना मूल्य भुगतान नहीं होने से ऐसा नहीं कर पा रहा हूं।
बिजली का बिल तक जमा नहीं कर पा रहे
गांव दल्हेड़ी के किसान जसवंत सिंह ने बताया कि बकाया गन्ना मूल्य भुगतान नहीं होने से वे आर्थिक संकट में हैं। इसके चलते न तो वे बिजली का बिल जमा करा पा रहे हैं ना ही वे अपने अधूरे मकान को पूरा कर पा रहे हैं।
भतीजी की शादी की तारीख बढ़ानी पड़ी
गांव इसाकपुर निवासी पलटू राम का कहना है कि उन्हें अपनी भतीजी की शादी अप्रैल में करनी थी। लेकिन पूरा गन्ना मूल्य भुगतान नहीं होने के कारण शादी को स्थगित करना पड़ा। अब भतीजी की शादी नवंबर या दिसंबर में करनी होगी।

किसान वीरपाल- फोटो : SAHARANPUR

किसान पल्टूराम- फोटो : SAHARANPUR

किसान भगत सिंह- फोटो : SAHARANPUR

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें