जिला अस्पताल में खराब पड़ा 14 लाख की लागत से स्थापित आरओ।
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एसबीडी जिला अस्पताल में दूषित पानी पी रहे मरीज
सहारनपुर। मोटा बजट खर्च करने के बाद भी एसबीडी जिला अस्पताल में अव्यवस्था का आलम है। हालात ऐसे है कि महिला शौचालय में दरवाजे गायब हैं। पीने के पानी के नाम पर लाखों रुपये खर्च किए जा चुके हैं लेकिन मरीज और तीमारदार दूषित पानी पी रहे हैं। अस्पताल की में सुविधाओं की हकीकत जानने के लिए अमर उजाला की टीम ने शुक्रवार को मुआयना किया तो कई खामियां सामने आईं।
अमर उजाला की टीम ने पहले मरीजों और तीमारदारों को शुद्ध पेयजल मुहैया कराए जाने के दावे की हकीकत जानने का प्रयास किया। इसके लिए 14 लाख रुपये का आरओ लगाया गया है। लेकिन हैरानी की बात है कि आरओ की टोटियों के हलक सूखे मिले। आरओ खराब होने की वजह से मरीज और तीमारदार टंकियों के पानी पीने को मजबूर हैं। जिस चारदीवारी में आरओ लगा है उसमें कचरा और शराब की खाली शीशियां भरी पड़ी नजर आईं। सर्जिकल वार्ड में बने महिला शौचालय के दरवाजे टूटे मिले। महिलाओं मरीजों ने बताया कि बिना दरवाजे के शौचालय का इस्तेमाल करते हुए भय लगता है। विभागीय सूत्रों ने बताया कि दरवाजे कई माह से टूटे हुए हैं। शौचालय की बाहरी छत दीवारों में सीलन के कारण कई माह से पानी टपक रहा है। जिसकी वजह से बिल्डिंग में सीलन आई गई है। बाहर की टंकी खराब मिली, जिसका पानी रोकने के लिए ऊपर ईंट रखी नजर आई लेकिन पानी बह रहा था। अंत में टीम सेठ बलदेवदास की मूर्ति के ऊपर बने वार्डों में पहुंची, जहां की खिड़कियां और दरवाजों की जालियां टूटी मिलीं।
क्या कर रही मरीज कल्याण समिति
जिला अस्पताल में रोगियों की सुविधाओं पर नजर रखने और व्यवस्था बनाने के लिए मरीज कल्याण समिति का गठन किया गया है। इसमें चिकित्सा अधिकारियों के साथ ही शहर के गणमान्य भी शामिल हैं। ऐसे में अस्पताल में पेयजल और शौचालयों की समस्या समिति को क्यों नजर नहीं आती।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एसके वार्ष्णेय पेयजल के लिए आरओ लगा हुआ है। सात आईएसआई मार्का हैंडपंप और पाइपलाइन से पानी की सप्लाई की व्यवस्था है। रही बात दरवाजों और खिड़कियों की जालियां टूटी होने की तो अस्पताल 1954 का है। अस्पताल पुराना होने और मरीज अधिक होने की वजह से चीजें टूटती रहती हैं। तमाम चीजों का सर्वे कराकर सुधार कराया जाएगा।