फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सर्दी और कर्फ्यू से रात्रिकालीन सेवाओं में यात्री हुए कम

विज्ञापन
रोड़वेज बस अड़डा - फोटो : SAHARANPUR
विज्ञापन
सहारनपुर। सर्दी और कोरोना कर्फ्यू ने परिवहन की आय पर असर डाला है। दोनों के कारण रात्रि में बसों में पर्याप्त यात्री नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में कई मार्गों पर चलने वाली बस सेवाओं का लोड फैक्टर कम हो गया है। लखनऊ और दिल्ली मार्ग पर रात में सफर करने वाले यात्रियों में लगातार कमी आ रही है, जिसको लेकर रोडवेज के अफसर चिंतित हैं।
विज्ञापन

सहारनपुर डिपो की बसों का लोड फैक्टर कम होता जा रहा है। सर्दी और रात्रि के कोरोना कर्फ्यू के कारण रात्रिकालीन बस सेवाओं में यात्री कम हो गए हैं। ऐसे में डिपो की आय पर प्रभाव पड़ रहा है। सहारनपुर से लखनऊ मार्ग पर एसी बसों समेत दस बसों का संचालन होता है, जिसमें पांच बसें वाया बिजनौर और पांच वाया मेरठ होकर लखनऊ जाती हैं। वाया दिल्ली मार्ग पर 20 बसें और वाया मेरठ दिल्ली मार्ग पर सात बसें चल रही है। इनमें भी रात में यात्री कम हो गए है। एसी बसें सबसे ज्यादा प्रभावित हुई है। इन मार्गों पर चलने वाली बसों का लोड फैक्टर 65 प्रतिशत से घट कर 50 तक पहुंच गया है। इससे कम हुआ तो बसें बंद कर दी जाएंगी। एआरएम जगदीश सिंह का कहना है कि सर्दी और कोरोना कर्फ्यू के कारण रात में यात्री कम हो गए हैं, जिससे डिपो की आय प्रभावित हो रही है।
दिन में बढ़ाई बसों की संख्या
रात में कम यात्री मिलने के कारण दिल्ली, लखनऊ मार्ग की बसों को दिन में चलाने का निर्णय लिया गया है, ताकि यात्रियों को पर्याप्त बस सेवा मिल सके और डिपो की आय में भी बढ़ोतरी हो सके। इसके साथ ही लोकल मार्गों पर भी बसों के फेरे बढ़ाए गए हैं।
विज्ञापन

- रात में रोडवेज बसों में यात्री लगातार कम हो रहे है। ऐसे में कुछ बसों को दिन में चलाया गया है। कुछ के फेरे बढ़ाए गए हैं। प्रयास है कि यात्रियों को बसें लगातार मिलती रहीं। रात में चलने वाली बसों का लोड फैक्टर 50 प्रतिशत से कम हुआ तो बस सेवा बंद कर दी जाएगी।
विज्ञापन

- उपेंद्र शर्मा, वरिष्ठ केंद्र प्रभारी, सहारनपुर डिपो
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें