सहारनपुर। खाद्य सुरक्षा विभाग की मंडलीय टीम ने छजपुरा स्थित नकली व मिलावटी पनीर फैक्टरी पर छापा मारा। फैक्टरी बिना लाइसेंस चल रही थी। इस दौरान 1400 किलो पनीर नष्ट कराया, जबकि तीन हजार लीटर दूध सहित अन्य सामग्री सीज की। फैक्टरी मालिक भाग निकला, जिसके खिलाफ थाना जनकपुरी में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम को सूचना मिली थी कि छजपुरा स्थित नेशनल नाम से संचालित फैक्टरी में सप्रेटा (स्किम्ड मिल्क पाउडर), केमिकल और विजातीय वसा मिलाकर पनीर तैयार किया जा रहा है। सहायक आयुक्त प्रथम अशोक शर्मा के नेतृत्व में मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी वीके राठी, खाद्य सुरक्षा अधिकारी विशाल चौधरी, सुनील कुमार समेत टीम मौके पर पहुंची। रवाना होने से पहले टीम ने एक-दूसरे की तलाशी ली। मौके पर फैक्टरी में पनीर निर्माण कार्य चल रहा था। मालिक के रूप में अमजद निवासी ताताहेड़ी ने स्वयं को संचालक बताया।
जांच में पाया गया कि लगभग 1400 किलो पनीर अत्यधिक गंदगी और अखाद्य बर्फ में रखा गया था। करीब 1500 लीटर दूध गर्म किया जा रहा था और दो टंकियों में लगभग 3000 लीटर दूध भंडारित मिला। इसके अलावा 50 किलो सिट्रिक एसिड मोनो हाइड्रेट, 40 किलो सफेद क्रिस्टल पदार्थ, 125 लीटर सफेद तरल पदार्थ नीले ड्रम में, चार खाली रानीपल गत्ते के डिब्बे, 50 एसएमपी के खाली रैपर व 22 एसएमपी के खाली बैग बरामद हुए। टीम ने पनीर के दो नमूने, दूध के दो नमूने, गर्म दूध का एक नमूना, सफेद तरल पदार्थ का एक नमूना, सिट्रिक एसिड मोनो हाइड्रेट का एक नमूना और सफेद क्रिस्टल पदार्थ का एक नमूना सहित कुल आठ नमूने संग्रहीत किए। मौके से केवीजी एग्रो प्राइवेट लिमिटेड द्वारा जारी स्किम्ड मिल्क के दो बिल भी मिले, जबकि संचालक इसे मिश्रित दूध बता रहा था। लाइसेंस मांगे जाने पर कोई वैध लाइसेंस प्रस्तुत नहीं किया गया।
पूर्व में पनीर के नमूने आए थे असुरक्षित
जांच में यह भी सामने आया कि पूर्व में लिए गए पनीर के नमूने असुरक्षित पाए गए थे। मौके पर फूड सेफ्टी ऑन वाहन जांच में पनीर में विजातीय वसा की पुष्टि हुई। शुद्ध दूध के बजाय सप्रेटा दूध, केमिकल और विजातीय वसा से पनीर बनाकर बाजार में सप्लाई किया जा रहा था। अमजद ने बताया कि पनीर उत्तराखंड समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों में भेजा जाता है।