उम्र के चलते वह इतनी लंबी दूरी पैदल तय नहीं कर सकती। ऐसे में बेटा और बहू ने माता की इच्छा पूरी करने की ठानी। उन्होंने सोमवार को हरिद्वार से गंगाजल लिया था, जिसके बाद वह करनाल के लिए निकल पड़े हैं। बेटा और बहू की भक्ति को हर कोई नमन कर रहा है।
महानगर में कांवड़ यात्रा का रंग चढ़ने लगा है। चौराहों पर भी शिव भक्ति के गीत गुंजायमान हो रहे हैं तो रूट पर बोल बम जय बम के जयकारे लग रहे हैं। हर कोई शिव भक्ति में डूबा है। 23 जुलाई को शिवरात्रि का पर्व मनाया जाएगा। इससे पहले शुक्रवार को कांवड़ियों की संख्या में बढ़ोतरी देखने को मिली।