सहारनपुर। एसबीडी जिला अस्पताल में ऑक्सीजन का संकट गहराने की आशंका बनी हुई है। एक दिन में 120 सिलिंडर तक खर्च हो रहे हैं, जबकि कुल सिलिंडर की संख्या 156 है। ऐसे में प्रमुख अधीक्षक ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पत्र लिखकर और अधिक ऑक्सीजन की मांग की है।
एसबीडी जिला अस्पताल 320 बेड का है। जिसमें इमरजेंसी वार्ड, ट्रामा सेंटर, आइसोलेशन वार्ड, बर्न वार्ड, मेडिकल वार्ड, सर्जिकल वार्ड, हड्डी वार्ड, आईसीयू, कोरोना आइसोलेशन वार्ड आदि चलते हैं। अस्पताल को ऑक्सीजन के मात्र 156 सिलिंडर मिलते हैं। इनमें 144 छोटे और 12 बड़े सिलिंडर शामिल हैं। 17 अप्रैल से ओपीडी सेवा बंद है। केवल इमरजेंसी सेवा चालू है। वहीं, कोरोना और अन्य रोगों से पीड़ितों की तादाद बढ़ने से इमरजेंसी में प्रतिदिन 300 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। प्रतिदिन 100 और उससे अधिक मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। मंगलवार को 24 घंटे के भीतर 120 सिलिंडर ऑक्सीजन खर्च हुए हैं। इस बाबत प्रमुख अधीक्षक ने लिखा कि ऑक्सीजन की कमी से अप्रिय घटना हो सकती है। इसलिए पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन उपलब्ध कराई जाए।
मरीज कर रहे हंगामा
प्रमुख अधीक्षक डॉ. आभा वर्मा ने पत्र में यह भी लिखा कि ऑक्सीजन नहीं मिलने पर मरीज हंगामा करते हैं। जिससे व्यवस्था बिगड़ती है। ऐसी स्थिति में अस्पताल प्रशासन को कठिनाई का सामना करना पड़ता है।
बिना जरूरत भी लगवा रहे ऑक्सीजन
जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने बताया कि कई मरीज ऐसे हैं, जिनको ऑक्सीजन की जरूरत नहीं है, मगर फिर भी वे ऑक्सीजन लगाने की मांग करते हैं। मंगलवार रात कई मरीजों ने ऐसा किया। जिनका ऑक्सीजन स्तर 94 से अधिक था, मगर गर्मी अधिक होने की वजह से उन्हें महसूस हो रहा था कि सांस कम आ रही है। ऐसे में उन्होंने जबरन ऑक्सीजन लगवाई।
डॉ. नरेश को बनाया नोडल अधिकारी
एसबीडी जिला चिकित्सालय में ऑक्सीजन गैस की आपूर्ति को लेकर सूचना का आदान प्रदान करने और नजर रखने के लिए डॉ. नरेश कुमार को नोडल अधिकारी नामित किया है। इनकी जिम्मेदारी होगी कि अस्पताल में किसी भी मरीज को ऑक्सीजन की कमी न होने पाए।
वर्जन
फिलहाल ऑक्सीजन की कमी नहीं है, मगर जिस तरह से मरीज भर्ती हो रहे हैं और खपत बढ़ी है। उससे भविष्य में ऑक्सीजन की कमी हो सकती है, जिससे अप्रिय घटना भी घट सकती है। इसी आशंका के मद्देनजर ऑक्सीजन की मांग की गई है।-डॉ. आभा वर्मा, सीएमएस, एसबीडी जिला अस्पताल