बड़गांव/बेहट (सहारनपुर)। ग्रामीण क्षेत्र में बिजली की किल्लत ने लोगों का चैन ही छीन लिया है। पिछले एक माह से बिजली के आने-जाने का कोई समय निर्धारित ही नहीं है। पूरी-पूरी रात बिजली नहीं आने के कारण क्षेत्रीय लोगों को रात जागकर गुजारनी पड़ रही है। विभाग द्वारा विद्युत आपूर्ति के जो दावे पेश किये जा रहे हैं, वे भी हकीकत से परे हैं।
विद्युत विभाग की माने तो देहात को 16 से 18 घंटे बिजली आपूर्ति के आदेश हैं। मगर इन दिनों बिजली के आने-जाने का कोई समय नहीं है। ग्रामीण क्षेत्रों में पूरी-पूरी रात अंधेरा पसरा रहता है। कभी सुबह चार तो कभी पांच बजे बिजली आ जाए तो दो घंटे बाद ही कट लग जाता है और फिर सुबह करीब नौ बजे ही बिजली आ पाती है। इसमें भी लगातार कट पर कट जारी रहते हैं। मजेदार बात यह है कि इतने कट के बावजूद निर्धारित शेड्यूल पर बिजली का आना-जाना लगा रहता है। ग्रामीण सुरेंद्र सिंह, अरविंद कुमार, नरेंद्र सिंह, नवीन कुमार, काका राणा आदि का कहना है कि इस समय दिन भर किसानों को खेतों में कार्य करना पड़ रहा है। उधर रातभर बिजली की कमी के चलते चैन की नींद भी नहीं सो पा रहे हैं। बड़गांव बिजलीघर के जेई विष्णु कोठारी का कहना है ऊपर से उन्हें जितनी बिजली सप्लाई मिल पा रही है, उसको समान रूप से क्षेत्र में वितरण कर दिया जाता है।
विद्युत उपकेंद्र बेहट के पथरवा फीडर से जुड़े क्षेत्र के कई गांवों के किसान प्रदीप धीमान, अनुराग सैनी, लविश, प्रमोद कुमार, नरेश कुमार, मोहनलाल सैनी, इस्लाम, विशाल सैनी, जय सिंह, अतर सिंह आदि ने संयुक्त मजिस्ट्रेट प्रणता ऐश्वर्या से शिकायत करते हुए बताया कि उनके गांव पी टी डब्ल्यू लाइन से जुड़े है। गर्मी के मौसम के चलते उनकी फसलों को सिंचाई की अधिक आवश्यकता है। पिछले दस दिनों से विद्युत आपूर्ति में भारी कटौती की जा रही है। इससे सिंचाई न होने से उनके खेतों में खड़ी फसलें सूखने की कगार पर है। उन्होंने निर्बाध आपूर्ति की मांग की है।