सहारनपुर। गांव सहजवी स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक सुरेंद्र कुमार ने खंड शिक्षा अधिकारी और एक अध्यापक के खिलाफ शोषण करने और जातीय भेदभाव करने का आरोप लगाया है। विशेष न्यायाधीश (अनुसूचित जाति-जनजाति अधिनियम) की अदालत ने उनके प्रार्थना पत्र पर पुलिस को रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना करने के आदेश दिए हैं।
अनुसूचित जाति के सुरेंद्र कुमार ने कोर्ट में प्रार्थनापत्र में बताया कि विद्यालय की अध्यापक पूजा तोमर हमेशा देर से आती हैं और छुट्टी पर चली जाती हैं। उपस्थिति पंजिका में अवकाश दर्ज न करने का अनैतिक दबाव बनाती हैं। वह 31 अगस्त से दो सितंबर तक विद्यालय में नहीं आईं, इसलिए अवकाश लगा दिया। तीन सितंबर को पूजा तोमर जैसे ही विद्यालय में पहुंची तो अवकाश लगा देेखकर उनके साथ अभद्रता की। जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया। आरोप है कि अवकाश निरस्त करने का दबाव बनाया। चार सितंबर को खंड शिक्षा अधिकारी नकुड़ डॉ. प्रभात कुमार विद्यालय में पहुंचे।
आरोप है कि प्रधानाध्यापक से उपस्थिति पंजिका लेकर अध्यापक के हस्ताक्षर करा दिए। आरोप है कि उन्होंने भी जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर अभद्रता की और धमकी दी। इसके बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से शिकायत की तो उनसे ही स्पष्टीकरण मांग लिया गया। इसमें उन पर पाठ्य पुस्तक और यूनिफार्म वितरण में धन के दुरुपयोग का आरोप लगाया, जबकि खरीद विद्यालय स्तर पर नहीं होती है।
उत्पीड़न के आरोप गलत : खंड शिक्षा अधिकारी
खंड शिक्षा अधिकारी डॉ. प्रभात कुमार कहते हैं कि उन पर उत्पीड़न और अभद्रता के आरोप गलत हैं। ऐसा नहीं किया है।
दो शिक्षकों का है विवाद, नोटिस दिए
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रमेंद्र कुमार सिंह ने कहा यह दो शिक्षकों का विवाद है। दोनों को पूर्व में समझाया गया। अब नोटिस दिए हैं। यदि दोनों ने अपने अपने व्यवहार में सुधार नहीं किया तो निलंबन की कार्रवाई की जा सकती है।