सहारनपुर। कोरोना काल में ऑनलाइन पढ़ाई चल तो रही है, लेकिन कई परेशानियां भी छात्र छात्राओं और अभिभावकों के सामने आ रही हैं। ऐसी ही परेशानी इंटरनेट डाटा को लेकर बनी है, क्योंकि टेलीकॉम कंपनियों की तरफ से जो प्लान दिए जा रहे हैं, उनमें प्रतिदिन मिलने वाला इंटरनेट डाटा ऑनलाइन कक्षाओं की वजह से कम पड़ रहा है। जो बच्चे अभिभावकों के मोबाइल फोन से हॉट स्पॉट के जरिये इंटरनेट डाटा इस्तेमाल करते हैं, उससे अभिभावक भी परेशान हैं। ऐसे में इंटरनेट फाइबर कनेक्शन लेने वालों की संख्या बढ़ गई है।
दरअसल, अधिकांश प्राइवेट विद्यालयों की तरफ से बच्चों की ऑनलाइन कक्षाएं कराई जा रही हैं। बच्चों को रोजाना सुबह साढ़े आठ बजे से कक्षाओं से जुड़ना पड़ता है। करीब 30 मिनट की एक कक्षा होती है और रोजाना तीन से चार ऑनलाइन कक्षाओं से बच्चों को जुड़ना पड़ता है। जिन लोगों ने अपने बच्चों को अलग से मोबाइल फोन उपलब्ध कराया है, मगर इंटरनेट पैक नहीं लिया है, वह हॉट स्पॉट के जरिये ही इंटरनेट इस्तेमाल करते हैं। टेलीकॉम कंपनियों की तरफ से दो जीबी का डाटा एक मोबाइल धारक को प्रतिदिन दिया जाता है, जिसमें से अधिकांश डाटा ऑनलाइन कक्षाओं में ही खर्च हो जाता है। इसके बाद जब अभिभावक मोबाइल फोन से अपना कोई कार्य करना चाहते हैं तो इंटरनेट स्पीड नहीं होने की दिक्कत हो रही है।
हिम्मतनगर निवासी हरिओम मिश्रा कहते हैं कि बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई के दौरान खुद के मोबाइल फोन का इंटरनेट डाटा भी खर्च हो रहा है, लेकिन मजबूरी है और बच्चों की पढ़ाई जरूरी है। द्वारिकापुरी निवासी दिव्या मित्तल, नुमाइश कैंप निवासी निशा अरोड़ा और निखिल घई का कहना है कि बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई ठीक तरह से चलती रहे, उसके लिए ब्रॉडबैंड कनेक्शन लेने का विचार कर रहे हैं, क्योंकि मोबाइल फोन से इंटरनेट का डाटा प्रतिदिन दो जीबी कम पड़ रहा है।
कनेक्शन लेने को महीने 1500 से 2000 आवेदन
एक टेलीकॉम कंपनी के अधिकारी राजेश कुमार के मुताबिक कोरोना काल में फाइबर कनेक्शन लेने वालों की संख्या बढ़ी है। प्रति माह 1500 से 2000 लोगों द्वारा कनेक्शन के लिए आवेदन किया जा रहा है।
निखिल घई हकीकत नगर- फोटो : SAHARANPUR
निशा नुमाइशकैंप- फोटो : SAHARANPUR
द्वारिका पुरी निवासी दिव्या मित्तल- फोटो : SAHARANPUR