मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. राजीव सक्सेना ने बताया कि पशु पालकों को घबराने की जरूरत नहीं है, बल्कि सावधानी बरतने की जरूरत है। बीमारी की रोकथाम के लिए सभी संभव कदम उठाए जा रहे हैं। किसी भी पशु में लक्षण प्रतीत होने पर तुरंत अपने नजदीक के पशु चिकित्सक से संपर्क करें। पशुपालन विभाग के पास बीमार पशु के इलाज के लिए पशु चिकित्सक व दवाई उपलब्ध हैं।
गोवंश व भैंसों में फैलने वाला वायरस जनित रोग है लंपी
लंपी स्किन डिजीज गोवंश एवं भैंसों में फैलने वाला वायरस जनित रोग है। इस बीमारी में पशुओं के शरीर पर गांठें बन जाती हैं और बाद में घाव बन जाते हैं। पशु को तेज बुखार आना, नाक व मुंह से पानी का गिरना, भूख कम लगना भी बीमारी के लक्षण है। बीमारी होने पर पशु चारा कम खाना शुरू कर देता है। बीमारी के फैलाने का सबसे मुख्य कारण मक्खी, मच्छर हैं। इनके अलावा पशुओं की लार, दूषित चारा और दूषित पानी से भी बीमारी फैलती है।