सहारनपुर। समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली (आईजीआरएस) को लेकर आयोजित बैठक में जिलाधिकारी आलोक कुमार पाण्डेय ने कड़ा रुख अपनाते हुए पेंडिंग संदर्भों के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने डिफाल्टर शिकायतों के संबंधित अधिकारियों का एक माह का वेतन रोकने का भी निर्देश दिए हैं।
मंगलवार को कलक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी आलोक कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में आईजीआरएस पोर्टल के डिफाल्टर संदर्भों के संबंध में बैठक आयोजित की गई। उन्होंने खाद्य एवं रसद विभाग के 16 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, 27 ऑनलाइन के अलावा 47 मामलों को पेंडिंग पाए जाने पर रोष व्यक्त किया। थानाध्यक्ष देवबंद के 27 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, दो ऑनलाइन, आपूर्ति निरीक्षक के 23 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, पांच ऑनलाइन, आपूर्ति निरीक्षक नकुड के 18 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एवं बेहट के 13 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, एक ऑनलाइन, नगर निगम के 13 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी साढ़ौली कदीम के 10 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, आपूर्ति निरीक्षक देवबंद के आठ मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एवं एक ऑनलाइन, तहसीलदार बेहट के दो मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एवं एक ऑनलाइन, सहायक विकास अधिकारी बलियाखेड़ी के आठ मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, वन विभाग प्रभागीय वन अधिकारी के आठ मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, मुख्य चिकित्सा अधिकारी के छह मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एवं एक ऑनलाइन मामले पेंडिंग पाए गए। इसके अलावा प्रभारी निरीक्षक रामपुर मनिहारान के छह मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एवं एक ऑनलाइन, तहसीलदार रामपुर मनिहारान के पांच मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एवं एक आनलाइन, खंड विकास अधिकारी रामपुर मनिहारान के छह मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण नागल के छह मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, बेसिक शिक्षा विभाग के छह, पुलिस थानाध्यक्ष प्रभारी निरीक्षक जनकपुरी के पांच, प्रभारी निरीक्षक सरसावा के चार, खंड विकास अधिकारी मुजफ्फराबाद के चार, प्रभारी निरीक्षक मंडी के तीन, प्रभारी निरीक्षक बेहट के दो, बाल विकास पुष्टाहार विभाग नकुड़ के तीन, बेसिक शिक्षा विभाग नानौता के तीन, अधिशासी अभियंता नलकूप खंड की एक एवं पुलिस क्षेत्राधिकारी देवबंद के तीन मामले मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में लंबित पाए गए। इस पर जिलाधिकारी ने रोष व्यक्त करते हुए संबंधित सभी अधिकारियों के एक माह का वेतन रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी अधिकारियों को जल्द ही आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों का त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए। इस दौरान अपर जिलाधिकारी प्रशासन एसबी सिंह, अपर जिलाधिकारी न्यायिक शेरी, एसडीएम नकुड़ पीएस राणा आदि मौजूद रहे।