जांच टीम के सामने खड़े आरोपी एमबीबीएस छात्र
- फोटो : SAHARANPUR
सरसावा। राजकीय मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस छात्रों के बीच वालीबाल खेलने को लेकर हुए हिंसक संघर्ष के पश्चात 27 निलंबित छात्रों में से पांच एमबीबीएस के छात्र अपने अभिभावकों के साथ मेडिकल कॉलेज की जांच टीम के समक्ष उपस्थित हुए। जहां जांच टीम ने अभिभावकों को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराते हुए छात्रों की ओर से भविष्य में विवाद ना करने के लिए शपथ पत्र मांगे।
बता दें कि 20 दिन पूर्व 2018 तथा 2019 बैच के छात्रों के बीच वालीबॉल खेलने को लेकर हुआ विवाद संघर्ष मे तब्दील हो गया था। इसमें 27 छात्रों को शैक्षणिक सत्र एवं छात्रावास से निलंबित कर दिया गया था। बुधवार को सभी निलंबित छात्रों को अभिभावकों के साथ उपस्थित होने का नोटिस दिया गया था परंतु आज 2019 बैच के मात्र पांच छात्र ही.अपने अभिभावकों के साथ जांच टीम के समक्ष उपस्थित हुए। जहां जांच टीम ने पांचों अभिभावकों को पूरे घटनाक्रम से सिलसिलेवार अवगत कराते हुए हिंसक संघर्ष के वीडियो फुटेज और फोटो दिखाए जिसमें आरोपी छात्र साफ तौर पर नजर आ रहे थे।
प्राचार्य डा अरविंद त्रिवेदी ने बताया कि जांच कमेटी तथा अभिभावकों के बीच करीब 50 मिनट की वार्ता के बाद अभिभावकों को समझा दिया गया कि वे छात्रावास की अंदरूनी व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए अपने बच्चों को सख्त निर्देश दें। साथ ही भविष्य में किसी भी विवाद में शामिल नहीं होने का शपथ पत्र दें इसी के बाद छात्रों का निलंबन वापस होगा। प्राचार्य ने बताया कि अभी किसी भी निलंबित छात्र का निलंबन वापस नहीं हुआ है। आज अनुपस्थित रहे अन्य छात्रों को भी एक बार पुन: नोटिस निकाल कर सूचित किया जा रहा है यदि वे अभी जांच कमेटी के समक्ष उपस्थित नहीं होते तो मेडिकल प्रशासन सख्ती के साथ बड़ा कदम उठाएगा। प्राचार्य ने एक समाचार पत्र द्वारा घटना को रैगिंग का नाम दिए जाने का भी खंडन करते हुए कहा कि मामला छात्रों के बीच आपसी संघर्ष का था।