सहारनपुर। टैक्स के दायरे में आने वाली संपत्तियों की संख्या 1.42 लाख से बढ़कर 2.13 लाख पर पहुंच गई है, लेकिन नगर निगम की वसूली आगे नहीं बढ़ सकी है। नगर निगम का वसूली का आंकड़ा लगभग वहीं आकर रुकता नजर आ रहा है, जो बीते वर्ष था। इतना ही नहीं, शासन से मिले 55 करोड़ के लक्ष्य से भी नगर निगम अभी करीब 24 करोड़ रुपये दूर है।
वर्ष 2015 के सर्वे के आधार पर महानगर में 1.42 लाख संपत्तियां टैक्स के दायरे में थी, जो जीआईएस सर्वे के बाद बढ़कर 2.13 लाख पहुंच गई है। हालांकि अधिकारी असल संख्या इससे कम ही बता रहे हैं, लेकिन संख्या में वृद्धि हुई है। बीते वर्ष नगर निगम ने गृहकर एवं जलकर के रूप में करीब 31.80 करोड़ रुपये की वसूली की थी। चूंकि भवनों की संख्या में वृद्धि हुई है। ऐसे में शासन ने मौजूदा वित्तीय वर्ष में 55 करोड़ रुपये की वसूली का लक्ष्य दिया था, लेकिन 29 मार्च तक करीब 30.20 करोड़ रुपये की ही वसूली हो सकी है। पिछले एक महीने में करीब दो करोड़ रुपये वसूले गए हैं, क्योंकि 28 फरवरी तक वसूली का आंकड़ा 28 ही करोड़ रुपये था। निगम अधिकारियों का कहना है कि कर करेत्तर की वसूली सहित आंकड़ा 55 तक पहुंचने की संभावना है।
20 फीसदी छूट पाने का आज अंतिम दिन
नगर निगम टैक्स जमा कराने पर 20 फीसदी की छूट दे रहा है। यह छूट केवल 31 मार्च 2026 तक है। यदि बकायेदार 31 मार्च तक टैक्स जमा नहीं कराता है तो उसके टैक्स पर 12 फीसदी का ब्याज जुड़ जाएगा। ऐसे में यदि ब्याज लगने से बचना चाहते हैं और 20 फीसदी की छूट का लाभ लेना चाहते हैं तो उसके लिए केवल 31 मार्च का दिन शेष है। उधर, टैक्स जमा कराने के लिए सोमवार को नगर निगम के काउंटर पर कतार लगी रही।
नगर निगम को 55 करोड़ रुपये की वसूली का लक्ष्य मिला था, जिसे प्राप्त करने के लिए भरसक प्रयास किए जा रहे हैं। यह तो तय है कि हम बीते वर्ष की वसूली के आंकड़े को पार कर लेंगे। लोगों से अपील है कि वह 20 फीसदी की छूट का लाभ लेने के लिए 31 मार्च तक टैक्स जमा करा दें।
- सुधीर शर्मा, कर अधीक्षक