सहारनपुर। अगर आप मेडिकल स्टोर खोलने जा रहे हैं तो यह खबर जरूर पढ़ लीजिए। अब खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग घरों में मेडिकल स्टोर खोलने के लिए ड्रग लाइसेंस जारी नहीं करेगा। औषधि निरीक्षक लाइसेंस जारी करने से पहले दुकान का सत्यापन करेंगे। एफएसडीए आयुक्त रोशन जैकब ने आदेश जारी कर दिए हैं।
जिले में चार हजार से अधिक होलसेल और रिटेल मेडिकल स्टोर संचालित हैं। इन दिनों कोडिन युक्त कफ सिरप को लेकर प्रदेशभर में जांच चल रही है। एसटीएफ और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीमें अलग-अलग जिलों में कार्रवाई कर रही हैं। प्रदेश में कोडिन युक्त कफ सिरप और एनडीपीएस श्रेणी की दवाओं के अवैध धंधे के खिलाफ हुई कार्रवाई में अनियमितताएं सामने आई हैं। इसके बाद एफएसडीए आयुक्त रोशन जैकब ने जिलाधिकारियों को जानकारी दी है। कोडिन युक्त सिरप और एनडीपीएस श्रेणी की दवाओं को फुटकर दवा विक्रेता केवल चिकित्सक के लिखित परामर्श पर ही बेच सकते हैं। उन्हें इसकी बिक्री का रिकॉर्ड भी रखना होता है। कोडिन युक्त कफ सिरप व एनडीपीएस श्रेणी की दवाओं की अवैध बिक्री को रोकने के लिए सभी औषधि निरीक्षकों को लाइसेंस निरस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही अब ड्रग लाइसेंस आवासीय भवनों के लिए नहीं मिलेगा। सत्यापन की जिम्मेदारी औषधि निरीक्षक को दी गई है। ड्रग लाइसेंस जारी करने से पहले ही मौके पर औषधि निरीक्षक जांच करेंगे। उधर, औषधि निरीक्षक राघवेंद्र सिंह ने बताया कि शासन से आदेश प्राप्त हो गया है। अब घरों में मेडिकल स्टोर खोलने के लिए ड्रग लाइसेंस जारी नहीं होगा।