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अब उर्वरक, कीटनाशकों के साथ ही नकद ऋण भी दिलाएंगी गन्ना समितियां

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संवाद न्यूज एजेंसी
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सहारनपुर।
अब गन्ना किसानों को खाद, कीटनाशक के साथ ही जिला सहकारी बैंक के के माध्यम से नगद ऋण भी मिल सकेगा। इसके लिए उत्तर प्रदेश कोआपरेटिव बैंक और उत्तर प्रदेश सहकारी गन्ना समिति संघ लिमिटेड के प्रबंध निदेशकों के बीच एक सहमति पत्र हस्ताक्षरित हो चुका है। इसको लेकर जनपद में भी गन्ना विभाग औपचारिकताओं को पूरा करने में जुटा है।
गन्ना समितियां किसानों को गन्ने की खेती के लिए क्रेडिट पर उर्वरकों से लेकर कीटनाशक तक उपलब्ध कराती हैं, लेकिन किसानों को नगद ऋण नहीं मिलता। इसके चलते किसानों के सामने मजदूरी, निराई, गुड़ाई से लेकर फसल के अन्य खर्चों के लिए धन की कमी से जूझना पड़ता है। इसका सीधा असर गन्ना फसल की उत्पादकता पर पड़ता है। किसानों की इस समस्या को दूर करने के लिए अब गन्ना समितियां किसानों को उवर्रकों एवं कीटनाशकों के साथ ही जिला सहकारी बैंक के माध्यम से नगद ऋण भी उपलब्ध कराएंगी। उर्वरक और कीटनाशक आदि की खरीदने के बाद गन्ना किसान की शेष लिमिट को नगद ऋण के तौर पर दिया जाएगा। इस योजना का लाभ उन्हीं किसानों को मिलेगा जो पिछले तीन वर्षों से चीनी मिल को गन्ना आपूर्ति कर रहे हों और उनका गन्ना मूल्य भुगतान का खाता संबंधित जिला सहकारी बैंक की शाखा में हो।
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जिला गन्ना अधिकारी कृष्ण मोहन मणि त्रिपाठी ने बताया कि गन्ना समितियों से जुडे़ किसानों को अब उर्वरक, कृषि यंत्र और कीटनाशकों के अलावा नगद ऋण भी दिया जाएगा। नगद ऋण को जिला सहकारी बैंक के माध्यम से किसान को उपलब्ध कराया जाएगा। इस योजना में किसानों को ऋण सीमा के 80 प्रतिशत हिस्से का खेती में लगने वाले इनपुट दिया जाएगा, शेष 20 फीसदी ऋण की राशि को नगद दिया जाएगा। इस योजना को लागू करने के लिए गन्ना विभाग औपचारिकताओं को पूरा करने में जुटा है।
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