अब नौ से 11 माह में ठीक होंगे एमडीआर टीबी के मरीज
सहारनपुर। मल्टी ड्रग रजिस्टेंट (एमडीआर) टीबी के मरीजों के लिए राहत की खबर यह है कि अब इन मरीजों को ठीक होने के लिए 24 माह नहीं, बल्कि 9 से 11 माह ही दवा खानी पड़ेगी। जिला अस्पताल में एमडीआर और एक्सडीआर टीबी मरीजों के लिए सबसे महंगी दवा बेडाक्विलीन उपलब्ध होने के बाद यह संभव हुआ है। अब सात तरह की दवाएं मिलकर एमडीआर टीबी का खात्मा 9 से 11 माह में करेंगी।
एमडीआर और एक्सडीआर टीबी सामान्य टीबी का बिगड़ा हुआ रूप है, जिसमें टीबी की सामान्य दवा असर करना बंद कर देती है। टीबी का यह स्तर मरीज द्वारा पूरा इलाज लेना या दवा लेने में लापरवाही करना और परहेज नहीं करना रहता है। जनपद में एमडीआर टीबी के मरीजों की संख्या 397 है, जबकि तीन एक्सडीआर टीबी के भी मरीज सामने आए हैं। अभी तक एमडीआर मरीजों को इलाज के लिए दो वर्ष यानी 24 माह तक लगातार दवा खानी पड़ती थी। चिकित्सकों की मानना है कि दवा खाते-खाते मरीज ऊब जाता था। या लंबा समय होने की वजह से कई बार मरीज दो वर्ष का पूरा कोर्स नहीं कर पाते थे। इसकी वजह से कई बार टीबी मरीज की मौत का कारण बनती थी। मगर अब एमडीआर टीबी के मरीजों को दो साल तक दवा खोने की जरूरत नहीं रहेगी। अब वह मात्र 9 से 11 माह की दवा से पूरी तरह ठीक हो सकेंगे।
एक मरीज का इलाज तीन से चार लाख रुपये
एमडीआर टीबी के मरीजों की दवा काफी महंगी है। जिला अस्पताल में टीबी की दुनिया की सबसे महंगी दवा बेडाक्विलीन करीब एक माह पहले ही पहुंची है। चिकित्सकों की मानें तो एक टेबलेट की कीमत हजारों रुपये में है। दवा के महंगा होने की वजह से यह दवा मरीज को घर पर खाने के लिए नहीं दी जाती है। यह दवा छह अन्य प्रकार की दवाओं के साथ वार्ड में भर्ती मरीज को खिलाई जाती है। एमडीआर मरीज के इलाज पर सरकार का करीब तीन से चार लाख रुपये का खर्च आता है।
टीबी से बचने को यह करें
- अच्छा खान-पान रखकर अपनी इम्युनिटी को बढ़िया रखें।
- न्यूट्रिशन से भरपूर खासकर प्रोटीन डाइट (सोयाबीन, दालें, मछली, अंडा, पनीर आदि) लेनी चाहिए।
- ज्यादा भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें।
- कम रोशनी वाली और गंदी जगहों पर नहीं रहें।
- अपने शरीर तथा रहने के स्थान की साफ सफाई रखें।
- टीबी के मरीज के अधिक पास जाने से बचें।
- मरीज खांसते और छींकते वक्त मुंह पर मास्क या रुमाल रखें।
- रुमाल और कपड़ों को गर्म पानी में धुलें।
- बच्चों को मरीज से दूर रखें, क्योंकि उनमें खतरा अधिक रहता है।
- मरीज का झूठा ना खाएं।
- मरीज थूकने के बाद थूक पर मिट्टी या राख डाल दे।
एमडीआर टीबी के मरीजों को ठीक होने के लिए पहले 24 महीने दवा खानी पड़ती थी, मगर अब इन मरीजों को 9 से 11 माह में ठीक किया जा सकेगा। हमारे पास टीबी की सबसे महंगी दवा बेडाक्विलीन उपलब्ध है। एमडीआर टीबी के मरीजों को बेडाक्विलीन समेत सात प्रकार की दवाएं खिलाई जाती हैं। दवा की खुराक मरीज के हिसाब से कम और अधिक रहती है। मरीजों को चाहिए कि वह इलाज छोड़ें नहीं। - डॉक्टर अखिल टंडन, सीनियर टीबी रोग विशेषज्ञ, जिला अस्पताल।